16 भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन को मंजूरी, 36 सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप

नई दिल्ली:

पिछले तीन सालों में 16 भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन को सरकार ने मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई के 36 अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न मामलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।

केंद्र सरकार ने बताया कि उसने पिछले तीन साल में 16 आईएएस अधिकारियों के विरूद्ध अभियोजन के लिए अनुमति दी है। कार्मिक मंत्री जितेन्द्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

डॉ. सिंह ने बताया कि पिछले तीन साल में भ्रष्टाचार के आरोप में दो आईएएस अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय से प्राप्त सूचना के अनुसार पिछले तीन साल (2016-2019) के बीच भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल दो आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दी गयी है।

सिंह ने बताया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्राप्त सूचना के अनुसार भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के 15 मामलों का संज्ञान लिया गया और पिछले तीन सालों में सात मामलों में अभियोजन की स्वीकृति दी गयी।

36 सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे

राज्यसभा में ही सरकार की ओर एक अन्य प्रश्न के जवाब में जानकारी दी गई कि पिछले तीन सालों में सीबीआई के 36 अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाये गये हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया, ‘‘सीबीआई के पास अपने अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों एवं आतंरिक सतर्कता मामलों से निबटने के लिए एक मजबूत तंत्र है। प्राप्त शिकायतों एवं सीबीआई द्वारा स्वयं की तरफ से एकत्र की गयी जानकारियों के अनुसार 2016 से मई 2019 के बीच 36 सीबीआई अधिकारियों एवं अन्य के खिलाफ 10 प्राथमिक जांच एवं 20 नियमित मामले दर्ज किए गए हैं। ’’

उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सतर्कता आयोग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2016 से दो जुलाई 2019 के बीच छह अधिकारियों (दो शिकायतों में सीबीआई अधिकारी के नामों का उल्लेख नहीं है) की संलिप्तता वाले सात शिकायतों का संज्ञान लिया गया। इनमें भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विशिष्ट एवं पुष्टि किए जा सकने योग्य तथ्य दिए गए हैं।

सीवीसी ने इन शिकायतों को सीबीआई मुख्य सतर्कता अधिकारी के पास जांच एवं रिपोर्ट के लिए भेज दिये हैं।

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