अब तक 75 लाख प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाया गया : गृह मंत्रालय

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने बताया कि देश भर में चल रहे लॉकडाउन के बीच तकरीबन 75 लाख प्रवासी श्रमिकों को रेलगाड़ियों और बसों के जरिए उनके घर पहुंचाया जा चुका है। देश भर में विभिन्न कार्यों से जुड़े प्रवासी श्रमिकों की संख्या तकरीबन चार करोड़ है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि देश भर में विभिन्न इलाकों से प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रेलवे ने एक मई से अब तक 2600 श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियां चलाई हैं। उन्होंने बताया, ‘पिछले जनसंख्या रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में तकरीबन चार करोड़ प्रवासी श्रमिक हैं”।

देश में 25 मार्च को लॉकडाउन के प्रतिबंध लागू किए गए थे। तब से लेकर अब केंद्र सरकार द्वारा प्रवासी श्रमिकों की सुविधा के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए श्रीवास्ताव ने बताया कि रेलवे द्वारा चलाए गए श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों के जरिए 35 लाख प्रवासी श्रमिक अब तक अपने घर पहुंचाए गए हैं जबकि चालीस लाख के करीब श्रमिक बसों के माध्यम से अपने घरों को पहुंचे हैं।

संयुक्त सचिव ने बताया कि 27 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक एडवाइजरी जारी कर कहा था कि प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ संभाला जाए और ये सुनिश्चित किया जाए कि श्रमिक लॉकडाउन में इधर से उधर न जाएं। राज्यों को यह भी निर्देश दिया गया था कि श्रमिकों को भोजन और आवास उपलब्ध कराया जाए।

इसके लिए 28 मार्च को एक आदेश के जरिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ फंड) का इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया ताकि श्रमिकों के लिए भोजन और आवास का इंतजाम किया जा सके। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 3 अप्रैल को इसके लिए एनडीआरएफ फंड में 11,092 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई।

पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि देश भर में प्रवासी श्रमिकों से जुड़े मुद्दों की निगरानी के लिए संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक चौबीस घंटे कार्य करने वाले कंट्रोल रुम भी शुरु की गई थी। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भी इस तरह की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था।

श्रीवास्तव ने बताया कि गृह मंत्रालय ने प्रवासी श्रमिकों के अवागमन के लिए 19 अप्रैल को पहले राज्य के भीतर और बाद में 1 मई को रेलगाड़ियों के जरिए अंतर्राज्यीय परिवहन की अनुमति प्रदान की थी।

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