सौ मर्ज़ की एक दवा: लहसुन खाओ खुद जान जाओ

रिमझिम वर्मा

घर पर बैंगन का भर्ता बना हो या चिकन दो प्याज़ा, बिट्टू को खाने की थाली में लहसुन के टुकड़े छोड़ने की आदत से उसकी माँ बहुत परेशान है। “बाहर की गार्लिक ब्रेड पूरी गटक जाता है! और घर पर खाने में साँसे अटक जाती हैं!..हां नहीं तो!” लगभग हर दूसरे दिन बिट्टू की माँ रोटी सेंकते सेंकते किचेन से बड़बड़ाती।

आमतौर पर जब लहसुन की बात आती है तो बच्चे क्या कभी-कभी बड़े भी नखरे करते नज़र आ जाते हैं। कुछ लोग इससे दूर भागते हैं तो कहीं कुछ लोगों को इसके फ्लेवर के बिना खाने में स्वाद ही नहीं आता। अक्सर आपने घर के बुज़ुर्गों के मुँह से सुना होगा कि लहसुन खाया करो उससे तंदरूस्ती आती है। पर क्या आप जानते हैं लहसुन खाने में प्रयोग होने वाली मात्र एक खाद्य सामग्री ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से चली आ रही एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि भी है जो हमारे शरीर को विभिन्न बीमारियों से निजात दिलाने की क्षमता रखती है।

लहसुन एंटी-वायरल, एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। इसमें एलीसिन(Allicin) और दूसरे सल्फ़र यौगिक मौजूद होते हैं। साथ ही लहसुन में एजोइन (Ajoene) जैसा तत्व और एलीन (Alleen) जैसा यौगिक भी मौजूद होता है जो लहसुन को और अधिक गुणकारी औषधि बना देते हैं हालाँकि इन्हीं तत्वों के कारण इसका स्वाद एक तेज़ गंध के साथ तीखा और कड़वा होता है।

जानिये आपके लिये कैसे है लहसुन मददगार :

◆मुख्य ‘एंटी ऑक्सिडेंट’ का काम करता है लहसुन

एंटी ऑक्सिडेंट के रूप में लहसुन मुख्यतः कैंसर से शरीर की रक्षा करता है और साथ ही बढ़ती उम्र की समस्याओं जैसे सूजन, दर्द, गैस्ट्रिक इत्यादि रोगों को दूर करने में सहायक होता है।

◆’ब्लड सर्कुलेशन’ रखे बराबर

लहसुन ब्लड सर्कुलेशन को नियंत्रित करने में सहयोग करता है, जिससे ‘हाई बीपी’ में काफी आराम मिलता है तथा ब्रेन हैमरेज होने का खतरा भी कम रहता है।

◆सर्दी-खाँसी छूमंतर

लहसुन की तासीर गर्म होती है इसलिये खाँसी, जुकाम, अस्थमा, निमोनिया, ‘ब्रोंकाइटिस’ के इलाज में इसका प्रयोग काफी सार्थक होता है।

◆खाना पचाये फटाफट

खाने में लहसुन की कुछ कलियां उसके स्वाद को तो बढ़ाती ही है साथ ही पाचन क्रिया को भी मज़बूत कर देती हैं जिससे व्यक्ति की भूख खुल जाती है।

◆दिल रहेगा तंदरुस्त

लहसुन के सेवन से रक्त का जमाव नहीं होता है जिससे ‘हार्ट अटैक’ होने का खतरा कम हो जाता है। हृदय रोगी के लिये लहसुन अति आवश्यक है।

◆पेट की बीमारियों को कहो ‘बाय-बाय’

पेट के तमाम रोग जैसे डायरिया, कब्ज़ इत्यादि की रोकथाम में लहसुन बेहद उपयोगी है। नियमित तौर पर खाली पेट लहसुन की दो कलियों का सेवन शरीर को डिटॉक्स कर देता है।

◆डायबिटीज से लड़ने में सहायता करता है ‘लहसुन’

आईआईसीटी(भारत) के वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार यदि आपको डायबिटीज का संदेह है या डायबिटीज है तो आप अपने भोजन में लहसुन को अनिवार्य रूप से शामिल करें। यह शरीर के ‘शुगर लेवल’ को नियंत्रित कर ‘इन्सुलिन’ की मात्रा में बढ़ोत्तरी करता है।

◆फैटी लीवर से निजात दिलाता है लहसुन

आजकल के खानपान के कारण ‘फैटी लीवर'(यकृत पर चर्बी जमने) की समस्या बढ़ती ही जा रही है। रोज़ाना लहसुन का प्रयोग इससे न सिर्फ निजात दिलाता है बल्कि लीवर का डेटॉक्सफिकेशन भी करता है।

◆गठिया के मरीज़ों के लिये लहसुन रामबाण का काम करता है।

◆रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना इसकी मुख्य विशेषता होती है।

◆यह मोटापे पर लगाम लगाने का कार्य भी करता है।

◆हॉर्मोन स्तर को ठीक रखता है।

◆लहसुन रक्त में एकत्रित हुये विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है जिससे मुहाँसे, फ़ोड़े-फुंसियों जैसे संक्रमण से राहत मिलती है।

◆लहसुन बनाये आपको जवां

शरीर के विभिन्न अंगों को भिन्न-भिन्न रोगों से बचा कर लहसुन एक अद्भुत औषधि का काम करते हुये स्वस्थ शरीर प्रदान करता है, परिणामस्वरूप तेज आपके चेहरे पर देखने को मिलता है।

जानें कब और कैसे खायें ‘लहसुन’ :

◆ज़्यादातर लोग लहसुन का प्रयोग अपने भोजन में करते हैं जोकि लाभकारी है। लेकिन, ताज़ा लहसुन(जिसमे कड़ापन हो, रसीला हो, तेज़ गंध हो, व जिसके अंकुर न फूटे हों) सुबह के समय खाने से शरीर में चमत्कारिक रूप से प्रभावी होता है।

◆लहसुन को पकाने से उसके तत्वों में कमी आ जाती है अतः कच्चा लहसुन ज़्यादा गुणकारी होता है।

◆यदि आपको एसिडिटी की समस्या है तो कच्चे लहसुन का सेवन न करें।

◆ वस्तु कितनी भी अनमोल क्यों न हो उसकी अति नुकसानदेय होती है इसलिये एक दिन में 2-3 से ज़्यादा कलियाँ न खायें।

जानें कहीं आप लहसुन से एलर्जिक तो नहीं?

◆मुँह से लगातार तेज़ दुर्गन्ध, पेट खराब या पेट फूलना, गैस, उल्टी जैसी परेशानी होने पर लहसुन न खायें।

◆ज़्यादा लहसुन खाने पर खून पतला होने की होने की आशंका रहती है, जिससे रक्तस्त्राव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

◆एलर्जी का असर त्वचा पर भी दिखाई दे सकता है।

◆लहसुन खाने से ब्लड प्रेशर कम होता है इसलिये ‘लो ब्लड प्रेशर’ वालों को लहसुन से परहेज़ करना चाहिये।

यदि लहसुन का प्रयोग करने पर आपको किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस हो तो डॉक्टर से परामर्श लेने में बिल्कुल देरी न करें।

रिमझिम वर्मा

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