अनुच्छेद 370 पर अधीर रंजन की किरकिरी के बाद सिंधिया ने भी बदले सुर

नई दिल्ली:

जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन संबंधी विधेयक पर लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के सदन के नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा कराई गई किरकिरी से पार्टी उबरती उससे पहले कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस मुद्दे पर पार्टी से अलग राय अख्तियार करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पहल को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्या सिंधिया ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराएं हटाए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेश में बांटे जाने के सरकार के कदम का समर्थन करते हुए मंगलवार को कहा कि यह राष्ट्रहित में लिया गया निर्णय है। सिंधिया ने ट्वीट कर कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर उठाए गए कदम और भारत देश में उनके पूर्ण रूप से एकीकरण का मैं समर्थन करता हूं। संवैधानिक प्रक्रिया का पूर्ण रूप से पालन किया जाता तो बेहतर होता। लेकिन ये फैसला राष्ट्रहित में लिया गया है और मैं इसका समर्थन करता हूं।’’

दूसरी तरफ, कांग्रेस का अधिकारिक रुख इस कदम के विरोध में है। उसका आरोप है कि सरकार ने संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया है। पार्टी ने संसद में विधेयक का विरोध किया है।

पार्टी के आधिकारिक रुख के विपरीत जनार्दन द्वीवेदी, दीपेंद्र हुड्डा, रंजीत रंजन और अदिति सिंह, अनिल शास्त्री सहित पार्टी के कई नेता जम्मू-कश्मीर पर उठाए गए नरेंद्र मोदी सरकार के कदम का समर्थन कर चुके हैं। सोमवार को ही पार्टी के राज्यसभा में मुख्य सचेतक भुवनेश्वर कलिता ने आर्टिकल 370 पर व्हीप जारी करने से इंकार करते हुए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।

मंगलवार को ही लोकसभा में सरकार के संकल्प प्रस्ताव और विधेयक का विरोध करने के लिए खड़े हुए सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने गृह मंत्री से यह सवाल पूछ कर कि कश्मीर देश का आंतरिक मामला या द्वीपक्षीय मुद्दा कांग्रेस की किरकिरी करा चुके थे।

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