बिहार: ‘चमकी’ से अब तक 89 बच्चों की मौत, 15 दिन बाद पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, छात्रों ने दिखाए काले झंडे

पटना/मुजफ्फरपुर:

बिहार में चमकी से लगातार हो रही बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 15 दिन में चमकी से 89 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही, 43 नए मरीजों को भर्ती कराया गया है। अब तक बीमारी के 286 नए मामले सामने आए हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) और जापानी इंसेफलाइटिस (जेई) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्थिति का जायजा लेने एवं समीक्षा करने के लिए रविवार को मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर पहुंचे हैं। बिहार के बक्सर से सांसद और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी डॉ हर्षवर्धन के साथ पहुंचे हैं।

पंद्रह दिनों से बिहार में लगातार बच्चों की तड़प-तड़प कर हो रही मौत का जाएजा लेने मुजफ्फरपुर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन को बिहार के छात्रों का आक्रोष का भी सामना करना पड़ा। पटना एयरोपोर्ट पर ही छात्रों के एक संगठन ने केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए और डॉ हर्षवर्धन का स्वागत काले झंडे से किया।

इससे पहले वर्धन ने कहा, “केंद्र बिहार को एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम और जापानी इंसेफलाइटिस के मामलों को रोकने एवं उसके प्रबंधन के लिए हर तरह की मदद मुहैया करा रहा है तथा मैं राज्य सरकार से स्थिति का जायजा लेने एवं समीक्षा करने कल मुजफ्फरपुर जा रहा हूं।” केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री वहां मौजूद विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले दलों से बातचीत करेंगे और राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करेंगे।

उन्होंने कहा, “मैं केंद्र की उच्चस्तरीय विशेषज्ञों की टीम द्वारा सुझाए गए प्रबंधन के उपायों और तत्काल एवं चिरकालिक उपायों के तहत स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय समेत केंद्र सरकार के अन्य मंत्रालयों के जरिए जो कुछ मदद की जा सकती है उस पर चर्चा करुंगा.” वर्धन ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और एईएस/जेई के मामलों के प्रबंधन में राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों की सहायता कर रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “प्रभावित इलाकों में केंद्रीय एवं राज्य के दलों की हर वक्त की मौजूदगी और उनके द्वारा उठाए गए बचाव कार्यों ने लोगों के बीच भरोसा जगाया है। हम जल्द ही एएसई/जेई मामलों को बढ़ने से रोकने में सक्षम होंगे।” केंद्रीय मंत्री ने हाल में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से दो बार मुलाकात की और इस दौरान मुजफ्फरपुर में एईएस के और बिहार के ही गया में जेई के बढ़ते मामलों की खबरों और इन्हें रोकने के लिए जन स्वास्थ्य उपायों पर चर्चा की।

शुक्रवार को जिन 11 बच्चों ने दम तोड़ा उनमें पांच नये भर्ती मरीज थे। बाकी का पूर्व से इलाज चल रहा था। आठ बच्चों ने एसकेएमसीएच में दम तोड़ा वहीं तीन की मौत केजरीवाल अस्पताल में हुई। इस बीच सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने एसकेएमसीएच में पहुंचकर अबतक की विभागीय पहल और इलाज की व्यवस्था की समीक्षा की।

उन्होंने 12 जिलों के लिए एडवाइजरी जारी करने का निर्देश दिया जिसके आधार पर चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों का इलाज होगा। इससे पहले मंत्री ने भर्ती मरीजों का हाल देखा। परिजनों और स्थानीय डॉक्टरों से आवश्यक जानकारियां लीं। इस दौरान जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष, सिविल सर्जन डॉ एसपी सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के तमाम वरीय अधिकारी मौजूद थे।

इधर, एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ.एसके शाही ने बताया कि देर शाम तक आठ बीमार बच्चों की यहां मौत हुई। 38 नये मरीजों को भर्ती कराया गया। 27 बच्चे को पीआईसीयू से जेनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया है। बता दें कि यहां देर रात दो अन्य मरीजों ने दम तोड़ दिया।

हर्षवर्धन को दिखाए काले झंडे

चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों के लिए न्याय और बीमार बच्चों के लिए इलाज की मांग को लेकर जन अधिकार छात्र परिषद ने आंदोलन तेज कर दिया है। इस क्रम में आज पटना एयरपोर्ट पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह को छात्र परिषद के सदस्यों ने काला झंडा दिखा कर अर्धनग्न प्रर्दशन किया, जिसका नेतृत्व छात्र नेता मनीष यादव, रोहन यादव और विशाल कुमार ने किया।

इस दौरान मनीष यादव ने कहा कि मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से अब तक 200 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन राज्य और केंद्र की सरकार उदासीन है। उन्हें बच्चों की मौत का कोई मलाल नहीं है, इसलिए जब 100 से अधिक बच्चों की मौत हुई तब सत्ताधारी दल के नेता दिखावा के लिए मुजफ्फरपुर जा रहे हैं। वो भी पूर्व सांसद पप्पू यादव जी के मुजफ्फरपुर जाने के बाद सत्ता और विपक्ष की नींद खुली है।

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