बिहार और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित

पटना/लखनऊ

बिहार और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की एक-एक सीट के लिए हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सतीश चंद्र दुबे और सुधांशु त्रिवेदी बुधवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।

बिहार की इस सीट से तीन साल पहले चुने गए प्रसिद्ध वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी का हाल में निधन हो गया था जबकि उत्तर प्रदेश की सीट अरूण जेटली के निधन के बाद रिक्त हुई थी।

पिछली लोकसभा में बिहार के वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद रहे दुबे ने चार अक्तूबर को अपना नामंकन पत्र दाखिल किया था। बिहार विधानसभा सचिव बटेसर नाथ पांडेय ने बुधवार को बताया कि दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्र वापस लेने की समय सीमा खत्म होने के बाद सतीश चंद्र दुबे को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया और उन्हें प्रमाणपत्र सौंप दिया गया।

जेठमलानी को 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू, जो उस समय राजद और कांग्रेस के साथ प्रदेश में सत्तासीन थी, के कोटे की सीट पर चुना गया था। जेठमलानी चारा घोटाला मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद के वकील रहे थे। राजग प्रत्याशी की जीत पक्की होने के चलते बिहार में विपक्षी महागठबंधन में शामिल राजद ने राज्यसभा की इस सीट के लिए अपने किसी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा था।

उत्तर प्रदेश से सुधांशु त्रिवेदी निर्विरोध चुने गए

उधर उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सचिव बी बी दुबे ने बताया कि बुधवार को नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख थी और त्रिवेदी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। भाजपा प्रत्याशी ने बीते सप्ताह शुक्रवार को नामांकन किया था। दुबे ने बताया कि त्रिवेदी प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे।

योगी आदित्यनाथ सरकार में वरिष्ठ मंत्री ब्रजेश पाठक, आशुतोष टंडन, मोहसिन रजा और उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष जे पी एस राठौर त्रिवेदी के साथ मौजूद रहे। प्रदेश विधानसभा में भाजपा के जबर्दस्त बहुमत के चलते त्रिवेदी का निर्वाचित होना तय था । त्रिवेदी भाजपा से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। वह संसद में अपनी पहली पारी खेलने जा रहे हैं।

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