कैंब्रिज एनालिटिका डाटा ब्रीच की जांच सीबीआई से कराएगी सरकार: रविशंकर

नई दिल्ली :

 

केंद्र सरकार ने ब्रिटेन की राजनीतिक कंसलटेंसी फर्म कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा भारत के फेसबुक उपयोगकर्ताओं के डाटा ब्रीच की जांच सीबीआई से कराए जाने की बात कही है। गुरूवार को राज्यसभा में इस आशय की घोषणा करते हुए केंद्रीय कानून एवं आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सीबीआई इस बात की जांच करेगी कि क्या कैंब्रिज एनालिटिका ने भारतीय कानूनों का उल्लंघन किया है। सरकार ने डेटा ब्रीच पर फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका पर भी सवाल उठाए हैं।

 

 

संसद में आज रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सोशल मीडिया पर झूठी खबरों की वजह से फैल रही हिंसा को रोकने के लिए केंद्र सरकार व्हाट्सएप और फेसबुक को लगातार निर्देश दे रही है और इस दिशा में काम कर रही है।

 

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार को इस बात का अहसास है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल भारत के रणनीतिक हित और आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है और भारत सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।सरकार ने व्हाट्सएप को नोटिस भेजा है। जितनी घटनाएं हुई हैं, उनमें से अधिकतर वॉट्सऐप से फैली अफवाहों की वजह से हुई हैं। उन्होंने कहा कि वॉट्सऐप ने आगे बढ़कर इस तरह के कंटेंट को पब्लिश करने पर रोक लगते हुए कदम उठाए हैं और यह संकेत भी दिया कि इतर का संदेश आगे बढ़ाया गया है।

 

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ने डेटा ब्रीच पर फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका पर भी सवाल उठाए हैं और कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका डाटा ब्रीच की जांच सीबीआई से कराई जाएगी।

 

उच्च सदन में सदस्यों ने फेक न्यूज और अफवाह फैलाने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर चिंता जताई थी। सदस्यों की चिंता को दूर करते हुए आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार फेक न्यूज के सत्यापन और भड़काने वाले मैसेजेस को फिल्टर कर पाने के लिए तकनीकि हल खोजने की दिशा में काम कर रही है।

 

उल्लेखनीय है कि कैंब्रिज एनालिटिका उस वक्त विवादों के घेरे में आई थी जब उस पर फेसबूक यूजर डाटा को अपने क्लाइंट्स के लिए लीक करने का आरोप लगा था। इस पर विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा ने एक दूसरे पर आरोप लगाए थे। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इस मामले पर दोनों कंपनियों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था।

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