केंद्र ने बाढ़ग्रस्त केरल के लिए 600 करोड़ रुपये किए जारी, राहत सामग्री पर सीमाशुल्क, जीएसटी की छूट

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने आज बाढ़ प्रभावित केरल के लिए 600 करोड़ रुपये जारी किया। केंद्र ने इसके अलावा राज्य के प्रभावित लोगों की मदद के लिए आयातित राहत सामग्री पर सीमा शुल्क और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की छूट देने का भी फैसला किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल को 500 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता और गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य को 100 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की थी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां कहा कि ये 600 करोड़ रुपये आज राज्य सरकार को जारी किए गए।

कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक के बाद इन निर्णयों की घोषणा की गई। इस बैठक में गृह, स्वास्थ्य, दूरसंचार, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, बिजली, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, वाणिज्य एवं कपड़ा विभाग के सचिवों के अलावा रक्षा बलों और गृह मंत्रालय तथा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

राहत सामग्री पर सीमा शुल्क और आईजीएसटी की छूट

केंद्र सरकार ने केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की मदद के लिए आयात की जाने वाली राहत सामग्री पर सीमा शुल्क और आईजीएसटी की छूट देने का भी फैसला किया है।

आईजीएसटी से तात्पर्य एकीकृत माल एवं सेवा कर है जो जीएसटी का हिस्सा है। यह एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजे जाने वाले सामान और सेवाओं पर लगाया जाता है।

 

चावल, दाल, मूंग और तुअर की अतिरिक्त आवंटन

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार के आग्रह के बाद खाद्य एवं सार्वजनित वितरण विभाग ने केरल 89,540 टन चावल का अतिरिक्त आवंटन किया है। उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय राज्य को पहले भेजी गई 100 टन दालों के अलावा मूंग और तुअर दालों की अतिरिक्त खेप भेज रहा है।

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने केरल में मुख्यमंत्री राहत कोष में 25 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एलपीजी के वितरण को विशेष बिंदु बनाए हैं। राज्य सरकार के साथ संयोजन में गैर प्रमाणित वाहनों से भी एलपीजी आपूर्ति की अनुमति दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 3.2 लाख एलपीजी सिलेंडर ओर 2.2 लाख रैगुलेटर उपलब्ध कराए हैं।

रेलवे ने राज्य को 24 लाख लीटर पेयजल ओर 2.7 लाख पानी की बोतलों की आपूर्ति की है। 14 लाख लीटर अतिरिक्त पेयजल अभी एर्नाकुलम में उपलब्ध है। रेलवे ने चादरें और कंबल भेजने की भी व्यवस्था की है।

प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने को कार्रवाई योजना बनाई गई है। करीब 94 प्रतिशत दूरसंचार टावरों को चालू कर दिया गया है। टेलीफोन एक्सचेंजों को बिजली की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर बहाल की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने तीन करोड़ क्लोरिन टैबलेट राज्य को भेजेगा। पहले वह एक करोड़ टैबलेट की आपूर्ति कर चुका है।

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