प्रख्यात गायक येसुदास हुए 80 साल के, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

तिरुवनंतपुरम:

प्रख्यात कर्नाटक संगीत गायक और पार्श्वगायक केजे येसुदास शुक्रवार को 80 साल के हो गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन सहित दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी।

अपनी मखमली और हृदयस्पर्शी आवाज के लिए प्रख्यात येसुदास छह दशक से संगीत की सेवा कर रहे हैं। उन्हें लोग प्यार से ‘‘गण गंधर्व’’ के रूप में पुकारते हैं।

स्थानीय अखबारों ने येसुदास के जन्मदिन पर विशेष पन्ने समर्पित किए और टेलीविजन चैनलों ने गायक के सम्मान में विशेष कार्यक्रम प्रसारित किए। येसुदास ने लगभग सभी भारतीय भाषाओं में विभिन्न तरह के करीब 80 हजार गाने गए हैं जिनमें 25 हजार फिल्मी गाने शामिल हैं। उन्होंने कर्नाटक संगीत की शैली में भजन और भक्तिपूर्ण गीत गाए हैं। इनके अलावा उन्होंने भारतीय भाषाओं जैसे मलयालम, तमिल, तेलुगु, हिंदी, कन्नड, बांग्ला, उडिया में गीत गाए हैं। येसुदास ने विदेशी भाषाओं अरबी, अंग्रेजी, लातिन और रूसी के गीतों को भी अपनी आवाज दी है।

वर्ष 2017 में पद्म विभूषण से सम्मानित येसुदास आठ राष्ट्रीय पुरस्कार, 25 केरल राज्य सम्मान, पांच तमिलनाडु सम्मान और चार आंध्र प्रदेश सम्मान भी पा चुके हैं।

येसुदास को जन्मदिन की बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘80वें जन्मदिन के विशेष अवसर पर बहुमुखी के जे येसुदास जी को शुभकामनाएं। उनके मधुर और हृदयस्पर्शी गीत ने उन्हें सभी वर्गों में लोकप्रिय बनाया है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के लिये बहुमूल्य योगदान दिया है और उनके लम्बे एवं स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।’’

केरल के मुख्यमंत्री विजयन ने ट्वीट किया,‘‘ श्री केजे येसुदास को जन्मदिन की बधाई। आने वाले वर्ष खुशियों और सफलता से भरे हो।’’ वरिष्ठ वाम नेता ने इसके साथ येसुदास की तस्वीर भी साझा की।

इस बीच, येसुदास अपने परिवार के साथ कर्नाटक के उडुपी जिले के कोल्लुर स्थित मूकम्बिका मंदिर जाकर पूजा अर्चना की। वह पिछले चार दशक से हर जन्मदिन पर मंदिर में पूर्जा अर्चना के लिए आते रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बधाई संदेश का जवाब देते हुए येसुदास ने यह जानकारी दी।

इस मौके पर उन्होंने केरल की पारंपरिक वेशभूषा कसावु मुंडु और शाल ‘‘देसेट्टन’’ पहना था। उन्होंने पत्नी प्रभा और बेटों के साथ सरस्वती मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। इस मौके पर विभिन्न आयुवर्ग के उनके प्रशंसक मंदिर के बाहर उनकी एक झलक पाने के लिए खड़े नजर आए।

देश के सबसे बेतरीन पार्श्वगायकों के रूप में मशहूर येसुदास ने अपने करियर की शुरुआत 1961 में मलयालम गाने ‘ जती भेदम माता द्वेषम’’ से की थी। उन्होंने हिंदी फिल्मों में भी अपनी आवाज दी और ‘‘जब दीप जले आना’’ और ‘‘ गोरी तेरा गांव बड़ा प्यारा’’ उनके गाए लोकप्रिय गानों में शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *