दिल्ली में चार नवंबर से लागू होगी सम-विषम योजना, गडकरी ने बताया गैर-जरूरी कदम

नई दिल्ली:

दिल्ली सरकार ने राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक बार फिर से 4 से 15 नवंबर तक सम-विषम योजना लागू करने की घोषणा की है। हालांकि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली सरकार के इस फैसले को अनावश्यक बताया।

इस योजना के तहत एक दिन ऐसे वाहन चलेंगे जिनकी नम्बर प्लेट के नम्बरों की आखिरी संख्या सम होगी। अगले दिन वह वाहन चलेंगे जिनकी नम्बर प्लेट के नम्बरों की आखिरी संख्या विषम होगी।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शुक्रवार को सम-विषम योजना की घोषणा करते हुए बताया कि जाड़े के दौरान पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण के उच्च स्तर से निपटने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस प्रदूषण से निपटने के लिए सात सूत्री कार्य योजना का उल्लेख किया। इसके तहत लोगों को मास्क बांटे जाएंगे, सड़कों की सफाई मशीनों की मदद से होगी, पेड़ लगाए जाएंगे और शहर में प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित 12 जगहों के लिए विशेष योजना भी इसमें शामिल है।

गडकरी ने कहा, दिल्ली में ‘सम-विषम’ की कोई जरूरत नहीं

दिल्ली में सम-विषम व्यवस्था लागू करने की घोषणा के कुछ घंटों बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस कदम की आवश्यकता नहीं है। गडकरी ने दावा किया कि दिल्ली में जो तरीके अपनाए जा रहे हैं उनसे यह सुनिश्चित होगा कि शहर अगले दो सालों में प्रदूषण मुक्त हो।

केंद्रीय शहर परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी नागपुर में सीएनजी केंद्र की स्थापना के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “अब इसकी (सम-विषम योजना की) कोई जरूरत नहीं है क्योंकि हमने जो नयी रिंग रोड बनाई है उससे दिल्ली में प्रदूषण को रोकने में काफी मदद मिली है। इसके अलावा, मेरा मंत्रालय 50 हजार करोड़ रुपये मूल्य की सड़क परियोजनाओं पर भी काम कर रहा है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिये यमुना की सफाई और दूसरे काम भी जारी हैं।”

उन्होंने जोर देकर कहा, “मुझे लगता है कि दिल्ली अगले दो सालों में प्रदूषण मुक्त होगी।”

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