सावन की पहली सोमवारी पर देवनगरी देवघर में उमड़ा कांवरियों का सैलाब

उत्तम आनंद वत्स की रिपोर्ट

 

बैद्यनाथधाम देवघर :

 

सावन की पहली सोमवारी के मौके पर देवनगरी देवघर में कांवरियों का जैसे जनसैलाब उमड़ पड़ा। विश्व के सबसे लंबे इस कांवर मेले की शुरूआत में ही जिस तरह की भीड़ देखी जा रही उसके बाद स्थानीय प्रशासन ने भी कमर कस ली है। एक अनुमान के मुताबिक, करीब एक लाख से ज्यादा कांवरियों के आज के दिन जलार्पण किया।

 

सूत्रों के हवाले से आ रही खबर के मुताबिक, बिहार के सुल्तानगंज में उत्तर वाहिनी गंगा से जल भरकर दो लाख से ज्यादा कांवरियां बाबा वैद्यनाथ को जलार्पण करने निकले हैं….यह आंकड़ा शनिवार और रविवार रात की है….जबकि, इतनी ही तादादा में कांवरियों का आना लगातार जारी है….।

 

अहले सुबह से ही शहर के भीतर रूट लाइनिंग के लिए जिला प्रशासन की तरफ से तमाम जगहों पर बनाए गए पंडालों में कांवरियों की लंबी कतारें देखी जा रही थी। बाबा मंदिर में भी सुलभ दर्शन के लिए बेहतरीन इंतजाम किए गए हैं….जिससे किसी भी श्रद्धालु को किसी भी तरह की तकलीफ का सामना न करना पड़े। जिला प्रशासन के आलाधिकारी समेत जिले के पुलिस कप्तान खुद रूट लाइनिंग का मुआयना कर रहे हैं।

 

सोमवार दोपहर शहर के भीतर करीब 8 किलोमीटर लंबी कतार देखी गयी। मंदिर प्रांगण भी कंवड़ियों से खचाखच भरा नजर आया। कुल मिलाकर पहली सोमवारी के दिन ही पूरी बाबानगरी केसरिया रंग में रंग चुका है।

 

उधर फौजदारी बाबा बासुकीनाथ के दरबार में भी शिवभक्तों को की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

 

आपको बता दें कि, देवघर के श्रावणी मेले को लेकर राज्य सरकार किसी भी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है यही वजह है कि, इस राजकीय मेले का सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन से लेकर पुलिस महकमें के तमाम आलाधिकारियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

 

शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। किसी भी आपात स्थिती से निपटने के लिए एटीस, बीडीएस, एनडीआरएफ, रैफ के अलावा भारी तादाद में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

 

आपको बता दें कि, पहली सोमवार के दिन जिस तरह से कांवड़ियों की भीड़ देखी जा रही है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि, साल 2018 में कांवड़ियों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिल सकता है।

 

ऐसी मान्यता है कि श्रावण की सोमवारी को पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग के जलाभिषेक से सभी मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रवण मास शिव आराधना के लिए सर्वोत्तम मास माना जाता है और इस मास के सोमवार को तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।यही कारण है कि सावन की पहली सोमवारी पर देवघर मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी है।

 

जानकारों की मानें तो सावन के पहले सोमवार को समुद्र मंथन के बाद विश्वश्रवा घोड़ा की प्राप्ति हुई थी जो गति,धन,वैभव और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग पर गंगाजल अर्पण करने से सभी मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

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