फ्लिपकार्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्टार्टअप ‘लिव डॉट एआई’ का अधिग्रहण किया

नई दिल्ली:

ई-वाणिज्य कंपनी फ्लिपकार्ट ने ‘लिव डॉट एआई’ का अधिग्रहण किया है। हालांकि, कंपनी ने सौदे की राशि का खुलासा नहीं किया है। इस अधिग्रहण से कंपनी को 20 करोड़ आनलाइन खरीदारों के उसके मंच से जुड़ने का अनुमान है। लिव डाट एआई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बोली पहचान से जुड़ी स्टार्टअप कंपनी है।

फ्लिपकार्ट ने बयान में कहा कि अधिग्रहण के बाद लिव डाट एआई आवाज समाधान के लिये उत्कृष्ट केंद्र बनेगा और उसके उपयोगकर्ताओं के लिये बातचीत के आधार पर खरीदारी का अनुभव उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

 

 

क्या बला है लिव डॉट एआई

वर्ष 2015 में स्थापित लिव डाट एआई पहली भारतीय कंपनी है जो बोली को ‘टेक्स्ट एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) में बदलती है। यह हिंदी, बंगाली, पजाबी, मराठी, गुजराती, कन्नड़, तमिल, और मलयालम समेत 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।

अमेरिकी खुदरा कंपनी वालमार्ट ने फ्लिपकार्ट में 77 प्रतिशत हिस्सदारी अधिग्रहण के लिये हाल ही में 16 अरब डालर का सौदा किया है।
फ्लिपकार्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में अगली वृद्धि अब छोटे एवं मझोले शहरों से होगी। करीब 70 प्रतिशत इंटरनेट उपयोगकर्ता देशी भाषा में बोलते हैं और यह अनुपात बढ़ रहा है।’’

उन्होंने कहा कि देशी भाषाओं में ‘कीबोर्ड’ में टाइपिंग में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए अब खरीदारों के लिये आवाज तरजीही जरिया बन गया है।

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