महंगाई के मोर्चे पर सरकार को मिली राहत

नई दिल्ली:

रुपये में गिरावट और पेट्रोल, डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार के लिए महंगाई के मोर्चे पर राहत की खबर आई है। अगस्त महीने में खुदरा महंगाई दर घटकर दस महीने के अपने सबसे निचले स्तर 3.69 प्रतिशत पर पहुंच गया है।

मंहगाई के मोर्चे पर सरकार को यह राहत खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आने से मिली है। जुलाई में खुदरा महंगाई दर 4.17 प्रतिशत थी। पिछले साल इसी अवधि में खुदरा महंगाई दर 3.28 प्रतिशत थी। जुलाई में खाद्य महंगाई दर 1.37 प्रतिशत थी जो अगस्त में 0.29% हो गई है।

खुदरा महंगाई दर में कमी के बाद हो सकता है आरबीआई अगली पॉलिसी रिव्यू में दरें बढ़ा दे। रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने पिछली समीक्षा में महंगाई दर का अनुमान वित्त वर्ष 19 के लिए 4.8 फीसदी से घटाकर 4.7 कर दिया था।

MPC की बैठक में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई गई थी। इसकी वजह थी खरीफ की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा और रुपये की गिरावट। रिजर्व बैंक ने इन वजहों को साल में दूसरी बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी का कारण बताया है।

आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा, ‘4 फीसदी की महंगाई दर के टारगेट को हासिल करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है।’ जुलाई में खुदरा महंगाई दर कम होने के पीछे वजह खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी थी। वहीं जुलाई का फैक्ट्री आउटपुट भी घटकर 6.6 फीसदी हो गया है।

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