डीआईपीपी का नाम बदला, घरेलू व्यापार के साथ साथ स्टार्टअप और कारोबार सुगमता का भी जिम्मा

नई दिल्ली:

औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) का नाम बदलकर उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) कर दिया गया है। घरेलू व्यापार के संवर्धन से जुड़े कामों के साथ स्टार्टअप से जुड़े मुद्दों और कारोबार सुगमता सुनिश्चित करने की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इससे पहले आंतरिक व्यापार को उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय देखता था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाला डीपीआईआईटी घरेलू व्यापार के संवर्द्धन से जुड़े मुद्दों को देखेगा। व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के कल्याण की जिम्मेदारी उसके पास होगी। साथ ही कारोबार सुगमता सुनिश्चित करने और स्टार्टअप से जुड़े मुद्दों को भी उसे देखना होगा।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आंतरिक व्यापार से जुड़े मुद्दों को डीपीआईआईटी के तहत लाने की मंजूरी दी है। सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है तब छोटे व्यापारियों का संगठन कैट लंबे समय से आंतरिक व्यापार के लिए अलग से एक मंत्रालय बनाने की मांग करता रहा है। कैट ने हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में कहा था कि खुदरा व्यापार के लिए एक राष्ट्रीय व्यापार नीति बनायी जाए। साथ ही आंतरिक व्यापार के लिए अलग से एक मंत्रालय गठित किया जाए।

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