केरल नन रेप केस: आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल गिरफ्तार

बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के 85 दिन बाद हुई गिरफ्तारी

नन का आरोप, बिशप ने 2014 से 2016 के बीच कई बार किया रेप

बिशप ने अपने बचाव में दिए कई तर्क

कोच्चि:

केरल नन बलात्कार मामले में आरोपी बिशप फ्रैंको मुलक्कल को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पिछले तीन दिनों से केरल पुलिस फ्रैंको मुलक्कल से पूछताछ कर रही थी। यह भी कहा जा रहा है कि फ्रैंको मुलक्कल पहले ऐसे बिशप हैं, जिन्हें रेप के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

लगभग 22 घंटे तक चली मैराथन पूछताछ में जांच टीम ने बिशप को पूरा समय दिया कि वह मामले में अपना पक्ष रखते हुए एक-एक चीज को स्पष्ट करें। बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के 85 दिन बाद यह गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले 28 जून को कुराविलंगड़ थाने में रेप पीड़िता का बयान दर्ज किए जाने के बाद बिशप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

पीड़िता नन ने आरोप लगाया था कि बिशप ने 2014 से 2016 के बीच कई बार उनके साथ रेप किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद बिशप ने अपने बचाव में कई तर्क दिए। उन्होंने यहां तक कहा कि उनसे बदला लेने के लिए यह शिकायत की गई है। बिशप ने नन के खिलाफ जांच करने की भी अनुमति मांगी थी।

कोट्टयम के एसपी हरि शंकर ने बयान दिया था कि पूछताछ शुक्रवार को ही समाप्त हो सकती है, इसके बाद आशंका जताई जा रही थी कि बिशप को शुक्रवार को ही गिरफ्तार भी किया जा सकता है। गुरुवार को पुलिस की तीन टीमों को अज्ञात स्थानों पर भेजा गया था, जिससे बिशप द्वारा बताई गई बातों की पुष्टि की जा सके।

जांच टीम ने किया घटनास्थल का दौरा

तीसरे दिन यानी शुक्रवार सुबह 10.45 पर बिशप से पुलिस ने पूछताछ शुरू की। शुक्रवार को जांच टीम ने घटनास्थल (सेंट फ्रांसिस मिशन होम) का भी दौरा किया, इसके अलावा टीम कोझिकोड की भी एक जगह पर घटना से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने गई। दोपहर 3 बजे तक उस जगह भीड़ इकट्ठा होने लगी, जहां बिशप से पूछताछ हो रही थी। यहां सुबह से ही अतिरिक्त पुलिसबल को तैनात किया गया था।

बिशप के गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि शाम 7.45 पर हुई, जब कोट्टयम के एसपी ने गिरफ्तारी का ऐलान किया।

हाई कोर्ट में 25 सितंबर को सुनवाई

हाई कोर्ट में बिशप की अग्रिम जमानत याचिका पर 25 सितंबर को सुनवाई होनी है। इस मामले में कानूनी सलाह लेने के बाद पुलिस ने 4 दिन पहले ही गिरफ्तारी का फैसला लिया। बिशप से मैराथन पूछताछ वाइकोम के डीएसपी के सुभाष और कोट्टयम के एसपी हरि शंकर की अगुवाई में हुई।

13 अगस्त को सबसे पहले डीएसपी ने जालंधर में बिशप से 9 घंटे तक पूछताछ की थी। बुधवार को बिशप को 7 घंटे तक पुलिस के सवालों का सामना करना पड़ा, जबकि गुरुवार को 8 घंटे और शुक्रवार को गिरफ्तारी से पहले उनसे 7 घंटे लंबी पूछताछ चली।

क्या है पूरा मामला

बिशप फ्रैंको मुलक्कल 2014 से 2016 के बीच एक नन के साथ बलात्कार और यौन शोषण के आरोपी हैं। मामले में मुश्किलें बढ़ती देख बिशप मुलक्कल ने एक सर्कुलर जारी करके प्रशासनिक दायित्व दूसरे पादरी को सौंप दिया था। वहीं, वैटिकन ने भी उनको पदमुक्त कर दिया था। उधर, मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग के लिए कई दिनों से प्रदर्शन जारी था।

इस मामले में पुलिस की धीमी जांच ने 8 सितंबर के बाद तेजी पकड़ी, जब 5 ननों ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर कोच्चि में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस प्रदर्शन को बड़े पैमाने पर जनसमर्थन मिला और सेव सिस्टर्स ऐक्शन काउंसिल के नाम से नया संगठन खड़ा हो गया। अनशन कर रही पीड़िता की एक बहन को उसकी हालत बिगड़ने पर बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बिशप की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस महानिरीक्षक के कार्यालय तक मार्च भी निकाला गया था।

पहले भी चर्च से जुड़े सेक्स स्कैंडल

यह इकलौता मामला नहीं जब केरल में चर्च से जुड़ा स्कैंडल सामने आया है। राज्य में ईसाई आबादी बेशक 18 प्रतिशत ही है, लेकिन यह बड़ा प्रभाव रखती है। जो भी स्कैंडल सामने आए, उनमें से ज्यादातर में पीड़ित के बजाय चर्च आरोपी का ही पक्ष लेता दिखा। इनमें फादर रॉबिन वडाक्कुमचेरी का मामला भी प्रमुख है। उन पर नाबालिग छात्रा से रेप और उसे गर्भवती करने का आरोप था।

वडाक्कुमचेरी का इतना प्रभाव था कि चर्च ने शुरुआत में पीड़ित के पिता पर ही दबाव डाला कि वह पुलिस के सामने बताएं कि बेटी से रेप उन्होंने खुद किया है। हालांकि बाद में जाकर जब वडाक्कुमचेरी को गिरफ्तार किया गया तो पीड़िता ने बयान बदल लिया। पिछले महीने ही उसने अदालत में कहा कि संबंध सहमति से बनाए गए थे और उस वक्त मैं बालिग थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *