केरल.. बारिश और तबाही : मृतकों की संख्या 83 पहुंची, ढाई लाख लोगों को राहत शिविरों का सहारा

तिरुवनंतपुरम:

केरल के कई हिस्सों में बारिश में कमी आने के बावजूद भी राज्य में बारिश, बाढ़ और भू-स्खलन की वजह से 83 लोगों की मौत हो गई है। राज्य के मलप्पुरम और वायनाड जिलों के भूस्खलन प्रभावित कवलप्पारा और पुथुमाला में राहत एवं तलाश अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावितों के लिए चलाए जा रहे राहत शिविरों में अब तक ढाई लाख से भी अधिक लोगों ने शरण ले रखी है।

राज्य में बाढ़, भारी बारिश और भू-स्खलन की वजह से हो रही मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि बारिश के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित मलप्पुरम में 50 लोग अब भी लापता है।

राज्य के 14 जिलों के लिए बारिश का कोई ‘रेड अलर्ट’ जारी नहीं किया गया ,लेकिन छह जिलों के लिए ‘‘ऑरेंज अलर्ट’’ जारी किया गया है। राज्य के मलप्पुरम, वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की मूसलाधार बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। मलप्पुरम में आठ अगस्त से भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ और कवलप्पारा तथा कोट्टाकुन्नु में 27 लोगों की मौतें हुई। गत आठ अगस्त से मलप्पुरम में 27, कोझीकोड में 17 और वायनाड में 12 और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 83 हो गई है। मलप्पुरम में 59,351 लोग 240 राहत शिविरों में रह रहे है। पड़ोसी वायनाड के पुथुमाला में हुए भूस्खलन से 12 लोगों की मौत हो चुकी है और सात अन्य लापता बताये जा रहे हैं।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिले के 212 राहत शिविरों में 35 हजार लोग शरण लिये हुए हैं। कोझीकोड जिले में 17 लोगों की मौत होने की सूचना है और 60 हजार से अधिक लोगों को 209 राहत शिविरों में ले जाया गया है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने जिला कलेक्टरों को राहत शिविरों में रह रहे लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बारिश प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाये जाने चाहिए। विजयन ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये कलेक्टरों के साथ एक समीक्षा बैठक के दौरान जिले के अधिकारियों को उन लोगों को अस्थायी आवास उपलब्ध कराने को कहा है जिनके मकान ढह गये है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *