मेघालय खनन हादसा: खदान में फिर उतरे गोताखोर

शिलांग:

भारतीय नौसेना के गोताखोर सोमवार को फिर से मेघालय पूर्वी जैंतिया पर्वतीय जिले के उस बाढ़ग्रस्त खदान में घुसे जहां 15 खदानकर्मी फंसे हुए हैं। हालांकि गोताखोरों का कहना है कि शाफ्ट के अंदर जलस्तर 30 मीटर की सुरक्षित गोताखोरी सीमा तक घटने के बाद ही खोजबीन सहज हो पाएगी।

अभियान के प्रवक्ता आर सुस्नगी ने बताया कि अभियान के 18वें दिन नौसेना के गोताखोर उच्च तकनीकी उपकरण अंडर वॉटर रिमोटली ऑपरेटिड व्हीकल (यूडब्ल्यूआरओवी) के साथ तीन घंटे तक शाफ्ट के अंदर रहे लेकिन इसमें दृश्यता एक फुट रही जो बहुत कम है। गोताखोरों के मुताबिक शॉफ्ट के भीतर कोयले का हिस्सा और एक मजबूत लकड़ी का टूकड़ा भी फंसा हुआ है जिसकी वजह से भी उन्हें अंदर खोजबीन करने में दिक्कत आई।

प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय नौसेना ने प्रशासन को सुझाव दिया है कि खनन शाफ्ट के अंदर से पंपों की मदद से पानी निकालकर जलस्तर करीब 30 मीटर (98 फुट) तक या सुरक्षित गोताखोरी सीमा तक कम किया जाए, उसी के बाद गोताखोरी शुरू की जाएगी। फिलहाल शॉफ्ट से पानी निकालने की तैयारी की जा रही है। ओडिशा अग्निशमन के दस्ते के जवान इस काम को अंजाम देंगे।

नौसेना का कहना है कि सभी ऐहतियाती उपाय किये जा रहे हैं ताकि सुनिश्चित हो कि गोताखोरों के लिए कोई संकट पैदा न हो जाए।

मेघालय के पूर्वी जैंतिया पर्वतीय जिले में 370 फुट गहरी अवैध कोयला खदान में पास की नदी से पानी चले जाने के बाद से 13 दिसंबर से 15 खदानकर्मी फंसे हुए हैं।

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