हरदिल अजीज ‘अटल बिहारी वाजपेयी’ पंचतत्व में विलीन

नई दिल्ली:

 

भारतीय राजनीति के अमिट हस्ताक्षर, कालजयी स्तम्भ और हरदिल अजीज अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। कृतज्ञ राष्ट्र ने अश्रुपूरित नेत्रों के साथ अपने इस महान नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दी।

 

अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर किया गया। उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्या ने उन्हें मुखाग्नि दी।

 

इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अंतिम यात्रा में आज जनसैलाब उमड़ पड़ा। वाजपेयी की अंतिम यात्रा में भाजपा मुख्यालय से उनके पार्थिव शरीर को लेकर जा रहे वाहन के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पैदल चल रहे थे।

 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्मृति स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई और श्रीलंका के विदेश मंत्री ने स्मृति स्थल पर जाकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। अटल बिहारी वाजपेयी को भूटान नरेश ने स्मृति स्थल पर पहुंच श्रद्धांजलि दी। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्मृति स्थल पर अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी।

 

 

स्मृति स्थल पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और लोकसभा अघ्यक्ष सुमित्रा महाजन, भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी । तीनों सेनाध्यक्षों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

पूर्व प्रधानमंत्री की अंतिम यात्रा में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कई केन्द्रीय मंत्री, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस समेत कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए राष्ट्रीय स्मृति स्थल ले जा रहे वाहन के पीछे चल रहे थे।

 

लंबी बीमारी के बाद वाजपेयी का 93 वर्ष की आयु में गुरूवार शाम एम्स में निधन हो गया था। पूर्व प्रधानमंत्री का अंतिम संस्कार यमुना नदी के किनारे स्थित ‘राष्ट्रीय स्मृति स्थल’ पर किया गया।

 

उमसभरी गर्मी के बीच हजारों की संख्या में लोग सात किलोमीटर मीटर लम्बे मार्ग पर वाहन के साथ चल रहे थे। जिस मार्ग से वाजपेयी की अंतिम यात्रा गुजर रही थी, उस पर भारी सुरक्षाबल तैनात किये गये थे। अंतिम यात्रा के दौरान लोग ‘‘अटल बिहारी अमर रहे’’ जैसे नारे लगा रहे थे।

 

दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित भाजपा मुख्यालय से पार्थिव शरीर को अपराह्न दो बजे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। वाजपेयी के पार्थिव शरीर को कल रात एम्स से कृष्ण मेनन मार्ग स्थित उनके आधिकारिक आवास ले जाया गया था।

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू,राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पूर्व प्रधानमंत्री को अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये गए थे।

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