जल संसाधन, पेयजल और गंगा पुनरुद्धार मंत्रालयों को मिलाकर बनाया गया ‘जल शक्ति मंत्रालय’, शेखावत ने संभाली कमान

नई दिल्ली:

केंद्र की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की नई सरकार ने जल संसाधन, पेयजल और स्वच्छता, गंगा पुनरुद्धार मंत्रालयों को मिलाकर नए जलशक्ति मंत्रालय का गठन किया है। नवगठित जलशक्ति मंत्रालय का जिम्मा कैबिनेट मंत्री के तौर पर गजेंद्र सिंह शेखावत को सौंपा गया है। शेखावत ने शुक्रवार को मंत्रालय का पदभार ग्रहण किया।

लोकसभा चुनाव 2019 प्रचार के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल से जुड़े मुद्दों के लिए एक एककृत मंत्रालय बनाने का वादा किया था। पदभार ग्रहण करने के बाद गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया, “जल से जुड़े सभी कार्यों को एक मंत्रालय के तहत लाया गया है”। मंत्रालय के तहत केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण नमामि गंगे परियोजना, गंगा से जुड़ी उनकी सहायक नदियों और उप सहायक नदियों के साथ साथ अंतर्राष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय जल विवाद और पेयजल के रुप में स्वच्छ जल उपलब्ध कराने जैसे कार्य होंगे।

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में गंगा की सफाई का काम पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र से निकाल जल संसाधन मंत्रालय को सौंपा गया था। बड़े जोर शोर और विशाल बजटीय आवंटन के साथ नमामि गंगे परियोजना की शुरूआत की गई थी।

शेखावत ने बताया कि जैसा कि पार्टी के दृष्टि पत्र में घोषणा की गई थी, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होगी। नमामि गंगे परियोजना के तहत कुछ नहीं हुआ है का आरोप नकारते हुए नवगठित मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले गजेंद्र सिंह शेखावत ने दावा किया कि बहुत हद तक गंगा नदी को साफ करने में सरकार को सफलता मिली है और अब सरकार की प्राथमिकता गंगा नदी की सहायक और उपसहायक नदियों की सफाई की होगी।

नवगठित जलशक्ति मंत्रालय में रतन लाल कटारिया को राज्यमंत्री का प्रभार सौंपा गया है।

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