“इसे मर्दों की नाक कटाना नहीं, नाक ऊंची करना कहते हैं जनाब” – विनीत कुमार

विनीत कुमार

साक्षी की इन्सटा अकाउंट के जरिए आयी इस तस्वीर को लेकर पुरूष समाज के बीच गोबर गैस निर्माण का काम शुरू हो चुका है। इसमें अखबार तक शामिल हैं जो कि शीर्षक से अपनी बजबजाती मानसिकता को जाहिर कर दे रहे हैं।

 

 

तस्वीर में क्रिकेटर महेन्द्र सिंह धोनी अपनी दोस्त-पत्नी की सेंडल बांध रहे हैं। आपकी नजर यदि खूबसूरती की परख करना जानती हो तो आप इस तस्वीर पर फिदा हो जाएंगे। आप धोनी को इस बात की दाद देंगे कि जिस बात को समझाने में बुद्धिजीवियो को पन्ने दर पन्ने रंगने पड़ जाते हैं, उन्होंने ये काम बहुत ही सहजता से कर दिया।

 

 

लेकिन धोनी के इस काम से मर्द समाज का एक धड़ा बिलबिला उठा है। उसकी इगो पर तगड़ी चोट पड़ी है। इगो तो मर्द समाज की पूंजी है. वो चली जाए तो किस बूते भारतीय संस्कृति की रक्षा कर पाएगा भला ?

धोनी के इस काम से जिन मर्दों को चोट पहुंची है वो शायद ये कभी नहीं समझ पाएंगे कि धोनी होने और ऐसा करने के बीच कितना कुछ सुंदर हो जाता है। एक जड़ समाज के बीच ऐसा करना उस झूठे किन्तु कंटीले अहं को तार-तार करना कितना जरूरी होता।

 

 

 

ये तस्वीर स्त्री विमर्श पर आयोजित किसी भी दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी पर भारी पड़ती है।

किसी स्त्री के आगे इगो छोड़ उसका होकर देखिए साहब, आप खुद को संवेदनशील मनुष्य के कहीं ज्यादा करीब पाएंगे.. और हां, धोनी की सेल्फ की चिंता उन्हें खुद और साक्षी को करने दें। वो आपसे कहीं ज्यादा काबिल हैं।

धोनी ! थैंक्यू, आज आप मुझे अपने ज्यादा करीब लगे।

(फेसबुक वॉल से साभार)

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