‘आपकी रसोई’ ही बचा सकती है आपको जानलेवा प्रदूषण से

विजय झा

दिल्ली एनसीआर प्रदूषण और स्मॉग ने वायु को जहरीला बना दिया है। हवा सांस लेने लायक भी नही है। हवा में फैले विषैले तत्व सांस के जरिए हमारे शरीर के सभी हिस्सों में जा रहे है और हमें भी बीमार और अस्वस्थ बना रहे है। इससे फेफड़ों को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रदूषण से बीपी, हार्ट अटैक, डायबिटीज और सांस से जुड़े रोगों के होने के खतरा भी बढ़ जाता है।

ऐसे में अपनी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए और शरीर से विषैले तत्वों की सफाई भी सफाई भी आवश्यक है। रसोई घर में रखे औषधियों जैसे अदरक, लहसुन, तुलसी, नीम, काली मिर्च का इस्तेमाल कर आप इससे काफी हद तक छुटकारा पा सकते है।

गाय के घी से नाक की सफाई

सांस लेने में नाक का उपयोग करते है। नाक की सफाई के गाय का धी का उपयोग सर्वोतम है। रात में सोते समय दो-दो बूंद नाक में डाले। नाल की नली में फंसी गंदगी की सफाई हो जाती है और सांस लेने में कोई दिक्कत नही होगी और गंदगी और विषैले तत्व फेफड़ों तक नही पहुंचेगी। रोजाना दो से तीन चम्मच घर का बना घी खाने से लेड और मर्क्युरी जैसे तत्व लिवर और किडनी में जमा नहीं होते।

आंखों की जलन के लिए गुलाब जल

प्रदूषण से आंखों में होने वाली जलन के लिए गुलाब जल की बूंदें सुबह-शाम डाले। आंखें साफ रहेंगी। खीरे या आलू के स्लाइस काट कर आंखों पर रख सकते हैं, इससे आंखों को ठंडक मिलेगी। आंखों को बार-बार ठंडे पानी से धोएं ।

गुड़ से करे फेफड़ों को साफ

गुड में सेलेनियम एक एंटी ऑक्सीडेंट का काम करता है। फेफड़ों को धूल और धुएं से बचाता है। गुड़ का काम होता है फेफड़ों की सफाई करना। इसमें मौजूद आयरन धमनियों को साफ कर रक्त तक ऑक्सीजन को तेजी से पहंचता है। सांस से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है। रोजाना थोड़ा थोड़ा गुड़ खाया करे। गुड के तिल के लड़डू या चाय बनाकर पीना भी सही है।

प्रतिरोधक क्षमता के लिए त्रिफला

त्रिफला शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उत्तम तरीका है। पाचन तंत्र को सही करता है। एक चम्मच त्रिफला शहद, गुनगुने पानी या दूध के साथ ले सकते हैं। त्रिफला का सिरप भी बाजार में मौजूद है। बच्चों को इसे दिया जा सकता है। त्रिफला से शरीर के तीन दोषों- वात, पित्त और कफ को सम प्रकृति में रखने में सहायक है।

अदरक से गल की खराश होगी ठीक

अदरक से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और ये सांस से जुड़ी हुई समस्याओं में फायदेमंद होता है। अदरक साथ रखें। अदरक की चाय पीना फायदेमंद है। गले से जुड़ी समस्याओं में लाभ पहुंचाता है। अदरक के रस में आधा चम्मच शहद मिलाकर लें। अदरक इम्यूनिटी को बढ़ाती है और सांस से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद है। छोटा-सा अदरक का टुकड़ा बारीक काटकर, 4-5 पत्ते’ पिसी काली मिर्च को शहद के साथ लेने से सीने में जमा कफ दूर होता है, सांस संबंधी समस्या से बचे रहेंगे।

प्रदूषण से होने वाली समस्याओं से बचने के लिए एक गिलास दूध, हल्दी मिलाकर जरूर पिएं।

तुलसी का रस पिएं

घर में तुलसी के कुछ पत्तों को पीस कर उसमें रस निकाल लें। इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर ले सकते हैं। तुलसी के कुछ पत्ते, अदरक और गुड़ मिल कर इसे उवाल करे पिये। तुलसी में पाए जानेवाले एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टेरिलय गुण स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

नीम की पत्तियों से त्वचा को करें डिटाक्सिफाई

नीम की पत्तियों को एक पतीले पानी में उबाल लें। इसे नहाने के पानी में मिलाकर नहाएं। यह त्वचा पर जमे प्रदूषकों को हटाता है और त्वचा को डिटाक्सिफाई करता है। हफ्ते में 2-3 नीम की पत्तियां खा भी सकते है।

रक्त संचार बढ़ाने के लिए करें मालिश

शरीर की मसाज कराएं। शुद्ध सरसों या तिल के तेल या फिर ऑलिव ऑयल का उपयोग कर सकते है। खून में जमे विषैले पदार्थ को बाहर निकालता है। रक्त संचार बेहतर होता है, ऑक्सीजन की आपूर्ति तेज होती है और शरीर की सफाई होती है।

स्वस्थ दिल के लिए संतरा, नीबू, ऑरेंज जूस और खट्टे फल लें।

घर से एक गिलास गुनगुना पानी जरुर पी कर निकलें

और अंत में बाहर जाने पर साफ मास्क का इस्तेमाल करें। बाहर जाने से पहले एक गिलास गुनगुना पानी पीकर जाएं।

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