मंदिर निर्माण की मांग पर दिल्ली रैली के बाद विरोधियों के भी बदलेंगे विचार : विहिप

नई दिल्ली:

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने दावा किया है कि कानून बनाकर अयोध्या में मंदिर निर्माण की मांग पर दिल्ली में आगामी नौ दिसंबर को होने वाली रैली के दूरगामी परिणाम होंगे और इस रैली के बाद कानून के जरिये मंदिर निर्माण को गैरजरूरी मानने वालों के भी विचार बदलेंगे।

संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में मंदिर निर्माण के लिये विधेयक पेश किये जाने की संभावनाओं से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा इंकार करने के बयान पर विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त सचिव सुरेन्द्र जैन ने कहा कि ‘‘मैं व्यक्ति विशेष के बारे में टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन जो लोग भी कहते है कि कानून के माध्यम से मंदिर बनाने की कोई जरूरत नहीं है, दिल्ली स्थित रामलीला मैदान की रैली के बाद उन सभी के विचार बदल जायेंगे।’’

जैन ने दावा किया कि पूरे देश में राम विरोधी कोई नहीं है, यहां तक कि मुस्लिम भाई भी राम को ‘इमाम ए हिंद’ मानते हैं। दिल्ली में नौ दिसंबर की रैली के बाद मंदिर निर्माण के पक्ष में देशव्यापी जनभावनाओं को देखते हुये सभी दलों के विचार बदलेंगे कि कानून के जरिये मंदिर निर्माण हो और संसद में सभी दल इसका समर्थन करेंगे।

अगले सत्र में मंदिर निर्माण संबंधी विधेयक पेश किये जाने की उम्मीद के सवाल पर जैन ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है कि आगामी शीतकालीन सत्र में विधेयक पेश किया जायेगा। विधेयक कैसे पेश होगा, यह तय करना सरकार का काम है।’’ उन्होंने कहा कि समूचे देश में मंदिर निर्माण हेतु जनजागरण के लिये अब तक 150 से अधिक सभायें, बैठकें और अन्य कार्यक्रम हुये हैं। उनमें सर्वमान्य तौर पर कानून के माध्यम से मंदिर निर्माण पर सहमति उभर कर सामने आयी है।

 

 

जैन ने शाह का नाम लिये बिना कहा ‘‘जिन लोगों के मन में शंका है, दिल्ली की रैली के बाद उनके विचार भी बदलेंगे।’’ उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में विहिप नेताओं की लगभग सभी दलों के नेताओं से मुलाकात भी हुयी और सभी ने संसद में मंदिर निर्माण का विधेयक पेश होने पर इसका समर्थन करने का भी भरोसा दिलाया है।

इस सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के सवाल पर जैन ने कहा ‘‘गांधी से भी इस मुद्दे पर मुलाकात की जायेगी, उनके सहयोगियों ने बताया है कि वह विधानसभा चुनाव में व्यस्त हैं। चुनाव के बाद गांधी से मिलेंगे”।

रैली की तैयारियों के बारे में जैन ने बताया ‘‘मुंबई सहित देश के अन्य भागों में हुये कार्यक्रमों के बाद राष्ट्रीय स्तर पर समाज के प्रत्येक वर्ग में मंदिर निर्माण को लेकर माहौल बन गया है।’’ इसकी तैयारियों के लिये संगठन की अब तक प्रांतीय स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक 2007 बैठकें हो चुकी है। पांच हजार कार्यकर्ता दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में घर घर जाकर अगले सात दिनों तक मंदिर निर्माण का ‘संकल्प पत्र’ और ‘संकल्प पुष्प’ युक्त एक लिफाफा वितरित करेंगे। रैली में आने वालों की संभावित संख्या के सवाल पर जैन ने कहा कि भोजन के तीन लाख पैकेट की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही दिल्ली वालों से अपने साथ भोजन लेकर आने का भी आह्वान किया जा रहा है।

डॉ जैन ने कहा, “पूज्य संतों द्वारा गत 5 अक्टूबर की संत उच्चाधिकार समिति की बैठक में घोषित चार में से दो चरणों का कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसमें राष्ट्रपति से मिलने की बाद देश के सभी राज्यपालों से मिलने का कार्य सामिल था। अब 500 संसदीय क्षेत्रों में बड़ी-बड़ी सभाओं के साथ सासदों से संपर्क का कार्य जारी है। जितने भी सांसदों से अभी तक हम मिले हैं, सभी ने कहा है कि जब कानून आएगा तो हम उसका समर्थ करना चाहेंगे”।

मुम्बई में कल हुई धर्मसभा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभा में युवाओं की 90% उपस्थिति ने उन लोगों के भी मुंह बंद कर दिए जो यह कहते थे कि जिन्होंने 1990 का आन्दोलन नहीं देखा वे कैसे इससे जुड़ेंगे?

उन्होंने बताया कि रैली में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह सुरेश जोशी ‘भैया जी’ होंगे। उनके अलावा विहिप के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) वी एस कोकजे, साध्वी ऋतंभरा, अवधेशानंद गिरि, स्वामी हंसदेवाचार्य और ज्ञानानंद भी रैली को संबोधित करेंगे।

चुनाव आने पर ही मंदिर निर्माण की मांग उठाने के सवाल पर जैन ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से यह प्रयास जारी है। इसमें रामलीला मैदान की नौ दिसंबर को होने वाली रैली इस दिशा में जारी निर्णायक दौर साबित होगी। इसे चुनाव से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिये। उन्होंने कहा ‘‘उच्चतम न्यायालय में इस मामले पर नियमित सुनवाई पूरी होने तक हमने प्रतीक्षा की लेकिन फैसला नहीं हो पाने के बाद कानून के माध्यम से मंदिर निर्माण की मांग का फैसला किया गया”।

जैन ने स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण के लिये विभिन्न चरणों में किये गये प्रयास दिल्ली की रैली के बाद भी कामयाब नहीं होने पर अगले साल प्रयाग कुंभ में 31 जनवरी और एक फरवरी को आयोजित धर्म संसद में इस मामले पर अंतिम फैसला किया जायेगा।

इस मौके पर प्रसिद्ध लेखक व विचारक श्री नरेन्द्र सहगल द्वारा श्री राम जन्मभूमि पर लिखित एक पुस्तक “मंदिर भव्य बनाएंगे” का विमोचन भी किया गया। इसे सुरुचि प्रकाशन ने प्रकाशित किया है।

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