प्रयागराज कुंभ की सुरक्षा के लिए पुलिस की तैयारी पूरी, बच्चों को लगाए जाएंगे आरएफ टैग

प्रयागराज/लखनऊ:

आधुनिक एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर के साथ ही 1200 सीसीटीवी कैमरे के जरिए कुंभ मेला क्षेत्र के चप्पे चप्पे पर नजर रखने की तैयारी के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस प्रयागराज में मंगलवार से शुरू हो रहे कुंभ मेले के दौरान सुरक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है । यही नहीं कुंभ मेले में अपने अभिभावकों से बिछड़ जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए भी उत्तर प्रदेश प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए हैं।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि आधुनिक पुलिस तकनीकों का इस्तेमाल होगा ताकि कोई घटना ना होने पाये । कुंभ 3200 हेक्टेअर से अधिक भूमि पर हो रहा है और इसमें अगले 50 दिनों में 12 करोड़ से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है ।

सिंह ने बताया कि एक आधुनिक एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सेंटर बनाया गया है जो 1200 सीसीटीवी के जरिए कुंभ मेले पर 24 घंटे नजर रखेगा । उन्होंने बताया कि आतंकवादियों, अपराधियों और संदिग्ध तत्वों की निगरानी के लिए ‘त्रिनेत्र ऐप’ का इस्तेमाल किया जाएगा । सिंह ने बताया कि सोशल साइटों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और किसी साइट से यदि कोई दिक्कत होती है तो उसे ब्लॉक कर दिया जाएगा ।

उन्होंने बताया कि तीन स्तर की सुरक्षा होगी । पहली कुंभ मेला क्षेत्र, दूसरी प्रयागराज नगर और तीसरी आसपास के जिले में होगी। पूरे क्षेत्र को नौ जोन और 20 सेक्टरों में बांटा गया है । यहां बीस हजार से अधिक पुलिसकर्मी, छह हजार होमगार्ड, 40 थाने, 58 चौकियां, 40 दमकल स्टेशन, केन्द्रीय बलों की 80 कंपनियां और पीएसी की 20 कंपनियां तैनात की गयी हैं । डीजीपी ने बताया कि किसी आतंकी गतिविधि से निपटने के लिए आतंकवाद रोधी स्क्वाड के कमांडो, बम निरोधक दस्ता ओर खुफिया एजेंसियों को मुस्तैद किया गया है ।

एस एन साबत, एडीजी पुलिस ने बताया कि पूरे कुम्भ मेले पर नज़र रखने के लिए एक हजार से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरे के साथ साथ ही ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से 3 कंट्रोल रूम भी बनाये गए हैं। कुम्भ के हर सेक्टर में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की गई है साथ ही जल्दी रिस्पांस के लिए 53 फायर ब्रिगेड की मोटरसाइकिलें भी शामिल है।

सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस, सहित अर्ध सैनिक बलों के 20 हजार से ज़्यादा जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही 3 यूनिट महिला सुरक्षाकर्मियों को भी महिलाओं की सहायता के लिए लगाया गया है। कुम्भ में एनडीआरएफ , एसडीआरएफ, बम निरोधक दस्ते, जल पुलिस और विशेष कमांडो भी लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे, साथ ही 24 स्टीमर और 3 क्रूज लगातार पानी में भी निगरानी रखेंगे।

अब कुंभ में कोई बच्चा अपने परिजनों से नहीं बिछड़ेगा, लगाया जाएगा रेडियो फ्रीक्वेंसी टैग

उत्तर प्रदेश पुलिस कुंभ के दौरान यहां 14 साल से कम उम्र के बच्चों को ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान’ (आरएफआईडी) टैग लगाएगी, ताकि यहां भीड़ में खोने वाले बच्चों का पता लगाया जा सके। राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया, ‘‘कुंभ सबसे बड़ा समागम है जिसमें अगले 50 दिनों में 12 करोड़ लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। हम कुंभ में आने वाले 14 साल से कम उम्र के बच्चों को आरएफआईडी टैग लगाएंगे ताकि वे खो न पाएं । ’’उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए विभाग ने वोडाफोन से सहयोग लिया है और 40,000 आरएफआईडी टैग का इस्तेमाल किया जाएगा।

गौरतलब है कि आरएफआईडी बेतार (वायरलेस) संचार का एक रूप है। इसके तहत किसी वस्तु या व्यक्ति का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक स्पेक्ट्रम के रेडियो फ्रीक्वेंसी हिस्से में विद्युत चुंबकीय (इलेक्ट्रो मैग्नेटिक) या ‘इलेक्ट्रोस्टेटिक कपलिंग’ का इस्तेमाल किया जाता है। डीजीपी ने बताया कि कुंभ क्षेत्र में 15 आधुनिक, समन्वित, डिजिटल खोया – पाया केंद्र स्थापित किये गये हैं और इन्हें जिला पुलिस तथा सोशल मीडिया के साथ समन्वित किया गया है।

उन्होंने कहा कि जन संबोधन प्रणाली के साथ एलईडी डिसप्ले के जरिए सूचना देने की भी व्यवस्था की गई है। सिंह ने कहा कि यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस एक समन्वित प्रणाली का इस्तेमाल करेगी। करीब 20 पार्किंग स्थल उपनगरीय इलाकों के रूप में विकसित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह लोगों के वाहनों के रंग, नंबर प्लेट और तारीख – समय की पहचान करेगी।