पुणे की अदालत ने एलगार परिषद मामला मुंबई की एनआईए अदालत को सौंपा

पुणे:

एलगार परिषद मामले की सुनवाई कर रही पुणे की एक अदालत ने शुक्रवार को एक आदेश पारित करते हुए यह मुकदमा मुंबई की विशेष एनआईए अदालत को हस्तांतरित कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस आर नवंदर ने यह आदेश पारित किया।

अदालत द्वारा आदेश पारित किए जाने से पहले अभियोजन पक्ष ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की उस याचिका पर कोई आपत्ति नहीं है जिसमें मामला हस्तांतरित किए जाने का अनुरोध किया गया है।

केंद्र ने पिछले महीने मामले की जांच पुणे पुलिस से एनआईए को हस्तांतरित कर दिया था और शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस सरकार ने इस कदम की आलोचना की थी। एनआईए ने जनवरी के आखिरी सप्ताह में अदालत से अनुरोध किया था।

यह मामला 31 दिसंबर, 2017 को पुणे के शनिवारवाड़ा में आयोजित एलगार परिषद सम्मेलन में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित है। पुलिस का दावा है कि इस वजह से अगले दिन जिले में कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा भड़की। पुणे पुलिस का दावा है कि सम्मेलन को माओवादियों का समर्थन था।

जांच के दौरान पुलिस ने माओवादी संपर्क के आरोप में वामपंथी झुकवा वाले कार्यकर्ताओं सुधीर धावले, रोना विल्सन, सुरेंद्र गाडलिंग, महेश राउत, शोमा सेन, अरुण फरेरा, वर्नन गोंसाल्विस, सुधा भारद्वाज और वरवारा राव को गिरफ्तार किया।

एनआई ने एलगार परिषद मामले में 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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