‘चौकीदार चोर है’ पर माफी के बाद अब राहुल ने की कार्यवाही बंद करने की गुजारिश

नई दिल्ली:

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की है कि ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी पर उनकी तरफ से माफी मांग लिए जाने के बाद इस मामले में चल रहे आपराधिक अवमानना की कार्यवाही बंद की जानी चाहिए। पीठ ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा।

इससे पहले प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही के लिये दायर याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलों को सुना।

पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने शीर्ष अदालत के हवाले से गलत बात कहने के मामले में बिना शर्त माफी मांग ली है और इसके लिये खेद व्यक्त कर दिया है।

दूसरी ओर, लेखी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से कहा कि राहुल गांधी की माफी अस्वीकार कर दी जानी चाहिए और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

रोहतगी ने यह भी कहा कि न्यायालय को राहुल गांधी को अपनी टिप्पणी के लिये जनता से माफी मांगने के लिये कहा जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने पीएम पर साधा था निशाना

राफेल मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधने के लिए राहुल गांधी ने 10 अप्रैल को कहा था कि अब तो शीर्ष अदालत ने भी कह दिया ‘चौकीदार चोर है।’

कांग्रेस अध्यक्ष ने आठ मई को तीन पन्ने के हलफनामे में न्यायालय से बिना शर्त माफी मांगते हुये कहा था कि वह वह न्यायालय का बहुत सम्मान करते हैं। वह ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहते थे जिससे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप हो।

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने हलफनामे में कहा था , ‘‘गांधी गलत तरीके से अदालत का हवाला देने को लेकर बिना शर्त माफी मांगते हैं। वह यह भी कहते हैं कि उनके द्वारा दिया गया हवाला पूरी तरह बगैर किसी मंशा के असावधानी वश हुआ।’’

राहुल गांधी ने हलफनामे में यह भी कहा था कि वह सम्मानपूर्वक न्यायालय से प्रार्थना करते हैं कि इस हलफनामे को स्वीकार किया जाये और अवमानना की मौजूदा कार्रवाई को बंद किया जाये।

इससे पहले, न्यायालय ने 30 अप्रैल को राहुल गांधी के पहले के हलफनामे के लिये उन्हें आड़े हाथ लिया था जिसमें उन्होंने सीधे सीधे अपनी गलती को स्वीकार नहीं किया था।

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