राम मंदिर करोड़ों देशवासियों की भावना का प्रतीक, न्यायालय को मामले का जल्द पटाक्षेप करना चाहिए: योगी

नई दिल्ली:

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को करोड़ों देशवासियों की भावना का प्रतीक बताते हुए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि देश एक संवैधानिक व्यवस्था से चलता है, ऐसे में उच्चतम न्यायालय को इस बारे में जल्द फैसला देकर मामले का पटाक्षेप करना चाहिए। यह देश के विकास एवं सौहार्द के लिये जरूरी है।

दैनिक जागरण फोरम सम्मेलन को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि “देश संविधान के तहत चलता है और सभी का दायित्व बनता है कि वे संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान करें। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करोड़ों देशवासियों की भावना का प्रतीक है । जो देश की भावना है, वही उनकी भी भावना है ।”

उन्होंने कहा कि यह मामला अदालत में है, ऐसे में वह उच्चतम न्यायालय से अपील करते हैं कि जल्द इस मामले में फैसला देकर इसका पटाक्षेप करें । यह देश के विकास और सौहार्द के लिये जरूरी है ।

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सोमनाथ मंदिर के विषय का समाधान हो सकता है, तब किसी भी दूसरे मामले का हो सकता है । अगर बात सिर्फ एक राज्य की होती, तब 24 घंटे में हल निकल सकता था और कोई विवाद भी नहीं होता ।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग हमसे सवाल पूछ रहे, उन्हें उस परिवार से इस बारे में सवाल करना चाहिए । उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के नहीं चाहने के बावजूद देश में लोकतंत्र फलता फूलता रहा है और आगे भी बढ़ता रहेगा ।

उत्तरप्रदेश में विपक्ष के महागठबंधन को अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकास की राजनीति के कारण जातपात और वोटबैंक की राजनीति हाशिये पर चली गई है ।

उन्होंने जोर दिया कि विकास के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में दोबारा लौटेगी । उन्होंने दावा किया कि उत्तरप्रदेश में पिछले डेढ़ साल में विकास एवं सुरक्षा का माहौल कायम हुआ है, निवेश तेजी से बढ़ रहा है ।

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