सेतुबंधासन यानि ब्रिज पोज, थॉयराइड, कमर दर्द और तंत्रिका तंत्र के लिए उपयोगी

विजय झा

सेतुबंधासन में शरीर सेतु यानि ब्रिज पोज। इस आसन को सेतुबंधासन इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस आसन का अभ्यास करते समय शरीर की आकृति पुल की तरह हो जाती है। सेतुबंधासन एक ऐसा आसन है जो थॉयराइड, कमर दर्द और तंत्रिका तंत्र सहित शरीर की कई अन्य समस्याओं को दूर कर आपको स्वस्थ जीवनशैली प्रदान करता है। यह आसन करने में सबसे आसान है और शुरूआत में शरीर के मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ाने में बहुत ही सहायक है। आमतौर पर योगासन का अभ्यास सुबह किया जाता है लेकिन अगर समय न मिले तो शाम को भी इसे कर सकते है। बस इतना ध्यान रखे कि खाना अच्छी तरह से पच गया हो और खाने और आपके अभ्यास के बीच में ढाई घंटे से ज्यादा का अंतर हो।

कैसे करें सेतुबंधासन

घर में या कही और कोई खाली जगह ढूंढ ले। मोटी दरी या मैट फर्श पर बिछा दे जिससे कि जमीन चुभे नही और आपको चोट ने लगे। दोनों घुटनों को मोड़ ले और दोनों घुटनों के बीच थोड़ी दूरी बना ले। हाथों के हथेली वाले हिस्सों को जमीन की ओर करते हुए जमीन पर रख दे। हथेलियों को इंटरलॉक कर कमर के नीचे भी रख सकते है। अब कंधे को ऊपर की ओर उठाएं और छाती को ठोड़ी के साथ लगाएँ और अपने कन्धों, हाथों व पैरों को अपने वज़न का सहारा दें। शरीर के निचले हिस्से को इस दौरान स्थिर रखें। दोनों जंघा इस दौरान एक साथ अपने हाथों को ज़मीन पर दबाते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को उठा सकते हैं। अपनी कमर को अपने हाथों द्वारा सहारा भी दे सकते हैं। इस मुद्रा में 30 सेकेंड से 1 मिनट तक बने रहें और इसी मुद्रा में रहते हुए धीरे-धीरे श्वास छोड़ें और कई बार इस मुद्रा का अभ्यास करें। साँस छोड़ते हुए आसन से बहार आ जाएँ।

सेतुबंधासन के लाभ:

  • पीठ की मांसपेशियों बनती है मज़बूत और लचीली
  • मांसपेशियों में खिंचाव से मांसपेशियों में तनाव पैदा कर देता है आराम
  • पीठ की मांसपेशियों को मिलता है आराम
  • छाती, गर्दन की मांसपेशियों को मिलता है आराम
  • मन को रखता है चिंतामुक्त
  • तनाव से दिलाता है राहत
  • अच्छे पाचन में सेतुबंधासन के फायदे
  • पाचन अंगो विशेष रूप से कोलन का मसाज करने का करता है काम
  • प्रतिदिन अभ्यास करने से पाचन क्रिया रहती है ठीक
  • स्त्रियों में मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द को दूर करने में करता है मदद
  • गर्भवती महिलाओं के लिए भी यह आसन अच्छा
  • अस्थमा, अनिद्रा और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों को रखता है दूर
  • छाती और गर्दन में मांसपेशियां होती है टोन
  • फेफड़ों को खोल थाइरोइड को करता है दूर
  • सेतुबंधासन करते समय फेफड़े खुलते हैं और इस कारण थॉयराइड से जुड़ी समस्याओं से मिलता है छुटकारा
  • थके हुए पैरों को भी मिलती है राहत
  • नितंब बनते है मजबूत
  • व्यक्ति का मस्तिष्क बनता है शांत
  • माइग्रेन की समस्या को दूर करने में भी यह आसन बहुत सहायक

सावधानियां —

  • गर्भवती महिलाएं प्रशिक्षक की सलाह पर करें
  • घुटनों में गंभीर दर्द हो तो न करे आसन
  • गर्दन, पीठ, कंधे एवं कमर में अभ्यास न करें
  • पेट और आंत (bowel) बिल्कुल खाली होना जरूरी
  • भोजन के तीन घंटे बाद करे यह आसन

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