‘स्टार्टअप के बौद्धिक संपदा अधिकार के लिये आवेदनों की संख्या छह साल में दोगुनी हुई’

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गुड़गांव:

देश में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) हासिल करने के लिये बड़ी संख्या में स्टार्टअप आवेदन कर रहे हैं। इसका पता इस बात से चलता है कि स्टार्टअप के आईपीआर के लिये आवेदनों की संख्या छह साल में करीब दोगुनी हो गयी है।

इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निदेशक अजय कुमार गर्ग ने बृहस्पतिवार को कहा कि वर्ष 2016 में राष्ट्रीय आईपीआर नीति लाये जाने के बाद इस मामले में बड़ा बदलाव आया है।

नासकॉम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के सेमिनार में भाग लेने आए श्री गर्ग ने अलग से बातचीत में बताया, ‘‘भारत में आईपीआर आवेदन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। छह-सात साल पहले एक साल में आईपीआर के लिये 4,000 से 4,500 आवेदन आते थे लेकिन आज यह संख्या दोगुनी हो गयी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र तथा राज्य दोनों सरकारें आईपीआर के मामले में स्टार्टअप और एमएसएमई को पूरा समर्थन दे रहे हैं। हमें केवल दूसरे के लिये काम नहीं करना चाहिए बल्कि अपने लिये भी बौद्धिक संपदा सृजित करने चाहिए। यह करने के लिये स्टार्टअप एकमात्र रास्ता है और अगर हम इसका समर्थन नहीं करते हैं तब हम हमेशा प्रौद्योगिकी के लिये दूसरे पर निर्भर रहेंगे।’’

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