वर्ष का आखिरी सूर्य ग्रहण आज, क्यों है खास ?

  • यह खंडग्रास सूर्यग्रहण है और यह सूर्य ग्रहण गुरुवार के दिन पौष मास की अमावस्या पर सुबह 08:17 मिनट से लेकर 10:57 मिनट तक रहेगा।
  • इस सूर्य ग्रहण को देश के दक्षिणी भाग में कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के हिस्सों देखा जा सकेगा जबकि देश के अन्य हिस्सों में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। यह ग्रहण एक खास खगोलीय घटना होगी, क्योंकि इस दिन सूर्य ‘रिंग ऑफ फायर’ की तरह दिखेगा।
  • भारत के अलावा ये पूर्वी यूरोप, उत्तरी-पश्चिम ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में भी देखा जा सकेगा। अगला सूर्य ग्रहण भारत में 21 जून, 2020 को दिखाई देगा।
  • उत्तर भारत में सूर्यग्रहण का पूर्ण नहीं बल्कि आंशिक प्रभाव ही दिखाई देगा, लेकिन दक्षिण भारत के तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के कई हिस्सों में पूर्ण कुंडलाकार सूर्यग्रहण का अद्भुत नजारा दिखाई देगा।
  • सूर्यग्रहण की घटना सूर्य और पृथ्वी के मध्य में चंद्रमा आने के कारण होती है। दक्षिण भारत के अलावा सऊदी अरब, कतर, यूएई, ओमान, श्रीलंका, मलयेशिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर, उत्तरी मारियाना द्वीप आदि में भी इसका पूर्ण रूप देखा जा सकेगा।
  • पृथ्वी पर सूर्यग्रहण सबसे पहले कतर और ओमान में शुरू होगा, वहीं भारत में यह केरल में कासरगोड के चेरुवथुर से शुरू होगा। भारत के प्रमुख शहरों में सबसे पहले मुंबई में 8:04 बजे सूर्यग्रहण दिखाई देगा और अगरतला में सबसे देर यानी 11:39 बजे तक देखा जा सकेगा। वहीं, पोर्ट ब्लेयर में सबसे लंबे समय यानी 3:36 घंटे तक सूर्यग्रहण देखा जा सकेगा।
  • बृहस्पतिवार को ग्रहण के दौरान सूर्य एक आग के छल्ले जैसा दिखेगा। इसका कारण इन दिनों पृथ्वी से सूर्य अपेक्षाकृत निकट और चंद्रमा सामान्य से दूर यानी सूर्य के करीब है। ऐसे में चंद्रमा सूर्य को पूरा नहीं ढक पाएगा और इसकी परिधि नजर आती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *