भारत के दृढ़ संकल्प का प्रकटीकरण है ‘चंद्रयान-2’ : प्रधानमंत्री

नयी दिल्ली:

भारत के महत्वाकांक्षी चंद्र अभियान ‘चंद्रयान -2’ के सफल प्रक्षेपण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि ‘चंद्रयान-2’ का प्रक्षेपण भारतीय वैज्ञानिकों के कौशल और विज्ञान के क्षेत्र में नयी ऊंचाइयां छूने के लिए 130 करोड़ देशवासियों के दृढ़ संकल्प को प्रकट करता है।

प्रक्षेपण के तुरंत बाद सिलसिलेवार ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर भारतीय गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने मिशन से जुड़े लोगों को एक ऑडियो संदेश के जरिए बधाई देते हुए कहा कि पूर्व के प्रक्षेपण के दौरान पैदा हुई गड़बड़ी से निजात पाकर वैज्ञानिकों ने अपने साहस और संकल्प को साबित किया है।

चंद्रमा के अनछुए पहलुओं का पता लगाने के लिए चंद्रयान-2 सोमवार को श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से शान के साथ रवाना हो गया। इसे ‘बाहुबली’ नाम के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-मार्क ।।। के जरिए अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया। चंद्रयान-2 की महत्ता पर मोदी ने कहा कि यह मिशन अनूठा है क्योंकि यह चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव वाले हिस्से पर खोज करेगा, जहां अभी तक अन्वेषण नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘हर भारतीय के लिए गर्व की बात यह है कि चंद्रयान-2 पूरी तरह स्वदेश मिशन है। चंद्रमा के रिमोट सेंसिंग के लिए इसमें एक आर्बिटर होगा और चंद्रमा की सतह की छानबीन के लिए लैंडर रोवर मॉडयूल भी है। यह विशेष क्षण है, जिसे हमारे गौरवशाली इतिहास में अंकित किया जाएगा।’’

प्रधानमंत्री ने टि्वटर पर एक तस्वीर भी साझा की है जिसमें वह बड़े स्क्रीन पर प्रक्षेपण को देखते हुए नजर आ रहे हैं ।

अपने ऑडियो संदेश में मोदी ने इसरो प्रमुख के. सिवन और मिशन से जुड़े लोगों को बधाई देते हुए कहा कि प्रक्षेपण हर भारतीय के लिए गौरव की बात है । मोदी ने कहा,‘‘पिछले सप्ताह तकनीकी गड़बड़ी के बाद प्रक्षेपण टाल दिया गया था। आपने फुर्ती से तकनीकी गड़बड़ी का पता लगा लिया और गड़बड़ी को दूर करने के लिए कदम उठाया। और अब, एक सप्ताह के भीतर ही आपने प्रक्षेपण में सफलता पायी है। आप इसके लिए विशेष बधाई के हकदार हैं।’’

उन्होंने कहा कि यह चुनौती लेने वाले वैज्ञानिकों के कौशल, क्षमता और आत्मविश्वास का शानदार उदाहरण है। मोदी ने कहा, ‘‘चुनौती जितनी बड़ी होती है, इरादे भी उतने ही बड़े होते हैं। मुझे बताया गया है कि एक सप्ताह की देरी के बावजूद ‘चंद्रयान-2’ के चंद्रमा पर पहुंचने की तारीख वही रहेगी।’’

प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि मिशन की टीम पूर्व के प्रक्षेपण की चुनौतियों से न केवल निजात पाने में कामयाब रही, बल्कि उसने कम समय में चंद्रमा पर पहुंचने का भी फैसला किया है। उन्होंने कहा कि चंद्रमा की सतह पर पहुंचने वाला यह पहला भारतीय अंतरिक्षयान होगा और भारत चंद्रमा पर पहुंचने वाला चौथा देश बन जाएगा। इसके साथ ही मोदी ने कहा कि यह प्रक्षेपण, चंद्रमा की सतह के बारे में इंसान के ज्ञान को बढा़ने में मददगार होगा ।

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