टाइप 1 एंड टाइप 2 डायबिटीज में लाभदायक है त्रिकोणासन

विजय झा

त्रिकोणासन खड़े होकर करने वाला आसन है। ‘त्रिकोण त्रिभुज को दर्शाता है और आसन में शरीर त्रिकोण की आकृति का हो जाता है, इसीलिए त्रिकोणासन के नाम से पुकारा जाता है। कमर दर्द, मधुमेह और मोटापा जैसी बीमारियों का सामना कर रहे लोगों के बहुत ही फायदेमंद है।

किसी भी आसन को करने से पहले ये जरुरी है कि उसका तरीका सही हो। पहले तो कुछ सूक्ष्म व्यायाम और कुछ राउंड सूर्य नमस्कार से शरीर की वार्मअप कर ले कयोंकि ये बेंडिंग कैटोगिरी का आसन है और किसी तरह के खिचाव और दर्द से बचने के लिए पूर्व छोटे छोटे अभ्यास जरूरी है।

त्रिकोणासन की विधि

सीधे खडे हो जाए। हाथों को जांधों के साथ जोड़कर रखे। अपने पैरों के बीच में 3 फूट की दूरी बना ले। अपने हाथों को कंधे तक फैलाए। धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपनी दाएं हाथ को सिर के ऊपर कान तक ले जाएं। सांस छोड़ते हुए शरीर को बाई तरफ झुकाए। घुटने नहीं मोड़ें और हाथों को कान से नहीं हटने दें। अंतिम मुद्रा में आपकी दाहिना हाथ जमीन के समांतर और बायां हाथ बाएं पांव के बराबर होना चाहिए, लेकिन हाथ उस पांव पर टिकी नहीं होनी चाहिए। इस पोज में कुछ समय तक बने रहे और सामान्य सांसे ले। सांस लेते हुए धीरे-धीरे पुरानी स्थिति में आ जाएं। दूसरी तरफ भी इस प्रक्रिया कर ले। ये एक राउंड हुआ। इसे 3-5 राउंड करे।

त्रिकोणासन के लाभ

  • वजन, मोटापा या पेट की चर्बी होती है कम
  • पूरी शरीर की होती है स्ट्रेचिंग
  • त्वचा होती है साफ
  • मुंहासे निकलने की समस्या हो जाती है दूर
  • चेहरा बनता है चमकदार
  • त्वचा पर बार-बार दाने और मुहांसे होता है ठीक
  • रेगुलर अभ्यास से बढ़ती है हाइट
  • फेफड़े का होता है सही एक्सरसाइज
  • शरीर का बनता है हल्का और ऊर्जावान
  • टाइप 1 एंड टाइप 2 डायबिटीज में लाभदायक
  • कमर दर्द से मिलता है छुटकारा
  • जांधो पर जमी फैट को करता है कम
  • पाचन तंत्र बनता है मजबूत
  • कब्ज के रोगी को करना चाहिए योग इसका अभ्यास
  • बढ़ता है स्टैमिना
  • एसिडिटी और पेट के ग्रथियों के सही स्राव में करता है मदद
  • भोजन को पचाने में अहम
  • अभ्यास से शरीर के ग्लैंड्स उचित मात्रा में करता है हॉर्मोन का स्राव
  • तनाव होता है दूर
  • शरीर बनता है लचीला
  • शरीर में संतुलन बनाने के लिए एक अच्छा एक्सरसाइज
  • पूरे पैर को बनाता है सुडौल एवं मजबूत
  • नसें बनती है स्वस्थ
  • मानसिक संतुलन बनाये रखने में करता है मदद

सावधानियां

  • अधिक कमर दर्द होने पर न करे
  • स्लिप डिस्क वाले इस आसन के अभ्यास से बचे
  • चक्कर आने पर नही करे अभ्यास
  • गर्दन और पीठ में दर्द होने पर प्रैक्टिस नही करे
  • माइग्रेन में न करे
  • हाइपर एसिडिटी में भी नही करे
  • शरीर के दूषित पदार्थों को करता है दूर
  • खुल जाते हैं अंग और उनमें स्फूर्ति का होता है संचार
  • आँतों की बढ जाती है कार्यगति
  • लगती है खुलकर भूख

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