ट्यूनीशिया और भारत ने अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के लिए सहमति पत्र पर किए हस्ताक्षर

बेंगलुरू :

अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने उत्तरी अफ्रीकी देश ट्यूनीशिया को उनके विकास परियोजनाओं में मदद उपलब्ध कराने के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाह्य अंतरिक्ष की खोज और उपयोग में सहयोग पर भारत सरकार और ट्यूनीशिया गणराज्य की सरकार के बीच समझौता ज्ञापन पर 11 जून को बेंगलुरू स्थित इसरो मुख्यालय में हस्ताक्षर किए गए। भारत में ट्यूनीशिया के राजदूत श्री नेज्मेदीन लखल और पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका (डब्ल्यूएएनए) प्रभाग के संयुक्त सचिव डॉ. बी भास्कर इस मौके पर मौजूद थे।

इस सहमति पत्र के जरिए ट्यूनीशिया और भारत के संबंधित अधिकारियों और विशेषज्ञों को आम विकास लक्ष्यों की दिशा में अधिक निकटता से काम करने और ट्यूनीशिया को मदद उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा सकेगा ।

इससे पहले अंतरिक्ष और साइबर सुरक्षा के मुद्दों पर सहयोग के लिए भारत और मोरक्को के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।

एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद भारत में ट्यूनीशियाई राजदूत नेज्मेदीन लखाल ने बताया, “भारत और ट्यूनीशिया के बीच अक्टूबर 2017 में ‘ट्यूनीशिया और भारत के बीच फ्यूचर पार्टनरशीप के लिए तय किए गए रोड मैप’ के मुताबिक यह महत्वपूर्ण प्रगति हुई है जिसके तहत पृथ्वी की रिमोट सेंसिंग से संबंधित महत्वपूर्ण गतिविधियां शामिल होंगी। इसके साथ ही उपग्रह मौसम विज्ञान, उपग्रह आधारित नेविगेशन, अंतरिक्ष विज्ञान और ग्रहों की खोज, अंतरिक्ष यान और अंतरिक्ष प्रणालियों का उपयोग, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का व्यवहारिक उपयोग जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। यह हम दोनों देशों के बीच साझा हित के सहयोग के लिए अन्य क्षेत्रों का पता लगातने के लिए भी रास्ते खोलेगा”।

लखाल ने बताय कि समृद्ध अनुभव और अंतरिक्ष गतिविधियों के क्षेत्र में भारत द्वारा हासिल की गई जबरदस्त प्रगति को देखते हुए, इसमें कोई संदेह नहीं है कि ट्यूनीशिया को भारत के अनुभवों से कई स्तरों पर लाभ होगा, उदाहरण के लिए स्रोतों के मानचित्रण के लिए विशिष्ट अनुप्रयोगों के विकास में; शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास, मौसम की भविष्यवाणियां और निगरानी, जलवायु अध्ययन, प्रशिक्षण और कौशल क्षमता निर्माण आदि के क्षेत्र में। भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में ट्यूनीशिया के अनुभव से भी साझा हितों के कार्यान्वयन, और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से लाभ होगा।

उनके मुताबिक, “हमारा मुख्य रणनीतिक उद्देश्य शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाह्य अंतरिक्ष की खोज है, जिसका मुख्यत विकास के मकसद को ध्यान में रखकर किया जाएगा खास तौर पर सतत विकास के 2030 ऐजेंडे को पूरा करने के लिए। आतंक का मुकाबला करना एक प्रतिदिन का संघर्ष है और इसके लिए हर तरह के कानूनी साधनों की आवश्यकता है। ”

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