उत्तराखंड: राजधानी देहरादून में खुला राज्य का पहला चलता फिरता वाहन प्रदूषण जांच केंद्र

अभिषेक अग्रवाल की रिपोर्ट

देहरादून :

नए ट्रैफिक नियमों के लागू होने के बाद एक तरफ जहां भारी-भरकम चालान से बचने के लिए वाहन मालिक गाड़ी के कागजात को दुरुस्त करने की कवायद में हांफ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ कुछ उत्साही युवाओं ने इन वाहन मालिकों की परेशानी को उनके दरवाजे पर पहुंचकर दूर करने की कोशिश में हैं। ऐसा ही एक बेहतरीन फार्मुला पहाड़ी राज्य उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देखने को मिला।

दरअसल नए ट्रैफिक नियमों के लागू होने के बाद वाहन मालिकों को कागजात दुरस्त करने का टेंशन है। प्रदूषण जांच के प्रमाणीकरण को आधिकांश वाहन चालक अनदेखा करते रहे हैं। लेकिन अब चूंकि कागजात नहीं होने पर भारी-भरकम जुर्माना चुकाना पड़ सकता है इसलिए प्रदूषण जांच के लिए पेट्रोल पंपों पर देर रात तक भी गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही है।

राजधानी देहरादून में एक युवक संतोष ने परिवहन विभाग की सहायता से वाहन मालिकों कि इस चिंता को कम करने का बीड़ा उठाया। क्यों चौंक गए? जी हां, अगर आपको भी प्रदूषण जांच के कागजात दुरुस्त करवाने हों तो संतोष को अपने घर ही बुला लीजिए। अपने चलते फिरते वाहन प्रदूषण जांच केंद्र को लेकर आपकी चिंता का समाधान करने संतोष तत्काल हाजिर हो जाएगें।

उत्तराखंड में अपनी तरह के इस पहले उदाहरण के कर्ता धर्ता बाला के युवा संतोष बताते हैं कि इस प्रदूषण जांच केंद्र का शुभारंभ होते ही उनके पास 7 से 8 दिनों तक की बुकिंग एडवांस में आ गई है। ज़ाहिर है वाहन मालिक भी लंबी लंबी कतारों में खड़े होने की बजाए घर पर ही जांच को तरजीह दे रहे हैं। संतोष का कहना है कि उन्होंने यह जो शुरुआत की है उसको वो पूरी निष्ठा से निभाएंगे। संतोष का कहना है कि प्रदेश के किसी भी कोने में यदि कोई जागरूक नागरिक अपने वाहन में प्रदूषण की जांच करवाना चाहता है तो यह चलता फिरता प्रदूषण जांच केंद्र उसके दरवाजे पर पहुंच जाएगा।

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