नंदा देवी पर जान गंवाने वाले पर्वतारोहियों के ‘आखिरी पलों’ का वीडियो जारी

  • आईटीबीपी ने जारी किया वीडियो
  • नंदा देवी पर जान गवांने वाले आठ पर्वतारोहियों के आखिरी पल का वीडियो
  • वीडियो एक पर्वतारोही के हेलमेट में लगे कैमरे से शूट हुआ है
  • यह वीडियो एक धमाके की आवाज के साथ खत्म होता है
  • हिमालय में पांच बचाव दल तैनात करेगा आईटीबीपी
  • बचाव अभियान में शामिल जवानों का किया गया सम्मान

नई दिल्ली:

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने सोमवार को एक वीडियो जारी किया है जो उत्तराखंड में नंदा देवी पूर्वी चोटी के रास्ते में जान गवांने वाले आठ पर्वतारोहियों के ‘आखिरी पलों’ को दिखाता है।

एक मिनट 55 सेकंड का यह वीडियो एक पर्वतारोही के हेलमेट में लगे कैमरे से शूट हुआ है। यह वीडियो मई के अंत में उस समय का है जब पर्वतारोहियों का यह समूह नंदा देवी पूर्वी चोटी की 7434 मीटर की ऊंचाई पूरा करने वाला था।

इन पर्वतारोहियों को फिसलन भरी बर्फ की चादर पर कतार में खड़ा देखा जा सकता है। इसी के जरिए उन्हें चोटी पर जाना था।

नंदा देवी पर जान गंवाने वाले आठ पर्वतारोहियों के 'आखिरी पलों' का वीडियो

#नंदादेवी पर जान गंवाने वाले #आठपर्वतारोहियों के '#आखिरीपल' का वीडियोभारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने एक वीडियो जारी किया है जो उत्तराखंड में नंदा देवी पूर्वी चोटी के रास्ते में जान गवांने वाले आठ पर्वतारोहियों के ‘आखिरी पलों’ को दिखाता है।एक मिनट 55 सेकंड का यह वीडियो एक पर्वतारोही के हेलमेट में लगे कैमरे से शूट हुआ है। यह वीडियो मई के अंत में उस समय का है जब पर्वतारोहियों का यह समूह नंदा देवी पूर्वी चोटी की 7434 मीटर की ऊंचाई पूरा करने वाला था।यह वीडियो एक धमाके की आवाज के साथ खत्म होता है। आईटीबीपी के अधिकारियों का इस आवाज़ के बारे में कहना है कि यह हिमस्खलन या बर्फ के तूफान की ध्वनि हो सकती है, जिसने उनकी जान ले ली।#ITBP

Posted by News Chrome on Monday, July 8, 2019

यह वीडियो एक धमाके की आवाज के साथ खत्म होता है। आईटीबीपी के अधिकारियों का इस आवाज़ के बारे में कहना है कि यह हिमस्खलन या बर्फ के तूफान की ध्वनि हो सकती है, जिसने उनकी जान ले ली।

यह पर्वतारोही 25 मई को लापता हो गए थे और तीन जुलाई को आईटीबीपी के कर्मी आठ शवों को नीचे लेकर आए थे।

हिमालय में पांच बचाव दल तैनात करेगा आईटीबीपी

भारतीय चोटियों पर पर्वतारोहियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने सोमवार को कहा कि पर्वतारोहियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास सभी आवश्यक उपकरण हों और साथ ही इससे जुड़ी एजेंसियों को भी जिम्मेदार पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के लिये अभियान चलाना चाहिए।

आईटीबीपी के महानिदेशक एस एस देसवाल ने उत्तराखंड की पूर्वी नंदा देवी चोटी पर 19 हजार फीट की ऊंचाई से सात पर्वतारोहियों के शवों को लाने वाले “हैरतअंगेज” कारनामे को अंजाम देने वाले बल के 15 सदस्यीय दल को सम्मानित करते हुए यह बात कही।

देसवाल ने कहा, “हिमालय पर्वत श्रृंखला में भारतीय चोटियां पर्वतारोहियों को काफी अवसर देती हैं और हम विभिन्न देशों से यहां आने वाले पर्वतारोहियों की संख्या में भी इजाफा देख रहे हैं। मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि आईटीबीपी मुश्किल वक्त में उनकी मदद के लिये प्रतिबद्ध है और हम उन तक पहुंचने वाले पहले लोगों में हैं।”

आईटीबीपी प्रमुख ने कहा कि हिमालयी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में बल पांच दल बनाएगा जो पर्वतारोहियों के लिये राहत मिशन चलाएगा।

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