क्यों खास होता है कार्तिक पूर्णिमा

कुंदन सिंह

कुंदन सिंह

आज कार्तिक मास की पूर्णिमा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की खास पूजा और व्रत करने से घर में यश और कीर्ति की प्राप्ति होती है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर कृत्तिका नक्षत्र होने से इसका महत्व और बढ़ गया है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान और गंगा स्नान का विशेष महत्व है कार्तिक पूर्णिमा के दिन लोग सुबह सवेरे उठकर गंगा स्नान करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से जन्म-जन्म के पापों से मुक्ति मिलती है। कार्तिक पूर्णिमा को गंगा स्नान और दीपदान का बड़ा महत्व है। इलाहाबाद, अयोध्या, वाराणसी आदि तीर्थ स्थानों में इसे बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।

कार्तिक पूर्णिमा पूजा-विधि

  • सुबह उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें।
  • अगर पास में गंगा नदी मौजूद है तो वहां स्नान करें।
  • सुबह के वक्त मिट्टी के दीपक में घी या तिल का तेल डालकर दीपदान करें।
  • भगवान विष्णु की पूजा करें।
  • श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करें।
  • घर में हवन या पूजन करें।
  • घी, अन्न या खाने की कोई भी वस्तु दान करें।
  • शाम के समय भी मंदिर में दीपदान करें।

क्या है इस पूर्णिमा का महत्व

कहा जाता है कि इस पूर्णिमा तिथि पर ही भगवान शिव ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था। इसलिए इस दिन को त्रिपुरी पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन चंद्रोदय के समय शिव जी और कृतिकाओं की पूजा करने से भगवान शंकर जल्द प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही इस दिन दीप दान का विशेष महत्व है।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही संध्या काल में भगवान विष्णु का मत्स्यावतार हुआ था। इसलिए इस दिन विष्णु जी की पूजा भी की जाती है। इस दिन गंगा स्नान के बाद दीप दान का पुण्य फल दस यज्ञों के बराबर होता है।

गंगा स्नान के बाद जरूरतमंदों को दान करना चाहिए। इस दिन मौसमी फल, उड़द दाल, चावल आदि का दान शुभ होता है।

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