17वीं लोकसभा: क्या काम करते हैं हमारे सांसद, कितने पढ़े-लिखे हैं ?

नई दिल्ली:

17वीं लोकसभा चुनाव में 542 लोकसभा सीटों के परिणाम आ चुके हैं। तमिलनाडू के वेल्लौर संसदीय सीट का चुनाव बीच में ही रद्द कर दिया गया था। भारतीय जनता पार्टी 303 सीटों के साथ न केवल पूर्ण बहुमत के जादूई आंकड़ों से काफी आगे रही बल्कि लोकसभा में सबसे बड़े राजनीतिक दल का स्थान भी अपने लिए सुरक्षित रखा। आइए हम आपको बताते हैं कि 17वीं लोकसभा के सांसदों का स्वरुप कैसा है, आपने किस तरह के नेताओं को अपना जनप्रतिनिधि बना कर संसदीय लोकतंत्र के इस मंदिर में भेजा है। कैसा है आपके सांसदों का प्रोफाइल..

भाजपा सबसे बड़ी पार्टी

स्त्रोत – निर्वाचन आयोग
स्त्रोत – पीआरएस इंडिया
  • इस बार के लोकसभा में 397 सांसद राष्ट्रीय दलों का प्रतिनिधित्व करेंगे
  • इनमें से 303 सांसद भाजपा में हैं
  • कांग्रेस के पास 70 सांसद हैं
  • तृणमूल कांग्रेस के पास 22 लोकसभा सांसद हैं
  • क्षेत्रीय दलों में द्रमुक (23) और वाईएसआरसीपी (22) बड़ी पार्टियां हैं

300 सांसद पहली बार चुने गए हैं

स्त्रोत – पीआरएस इंडिया
  • 17वीं लोकसभा में पहली बार चुने गए सांसदों की संख्या 300 है
  • 16वीं लोकसभा के 197 सांसद दोबारा चुने गए हैं
  • 45 सांसद इससे पूर्व भी लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं
  • पिछले आम चुनाव की तुलना में इस बार का वितरण बहुत अलग नहीं है

अधिकतम सांसदों की आयु 40 वर्ष से कम

स्त्रोत – पीआरएस इंडिया
  • 17वीं लोकसभा में अधिकतम युवा सांसद होंगे
  • 17वीं लोकसभा में सांसदों की औसत आयु 54 वर्ष की है
  • 17वीं लोकसभा में 70 वर्ष से अधिक आयु के सांसदों की संख्या तुलनात्मक रुप से कम
  • 40 वर्ष के कम आयु के सांसद अधिक होंगे
  • 40 वर्ष से कम आयु के 12 फीसदी सांसद हैं
  • यह संख्या 16वीं लोकसभा से अधिक है। 16वीं लोकसभा में यह संख्या 8 फीसदी थी
  • 17वीं लोकसभा में महिला सांसदों की औसत आयु पुरुष सांसदों की तुलना में 6 साल कम है

394 सांसदों ने कम से कम ग्रेजुएट स्तर तक की शिक्षा हासिल की है

स्त्रोत – पीआरएस इंडिया
  • 17वीं लोकसभा में 27 फीसदी सांसद ने बारहवीं तक की शिक्षा प्राप्त की है।
  • 16वीं लोकसभा में यह संख्या 20 फीसदी थी
  • 1996 से अब तक प्रत्येक लोकसभा में कम से कम 75 फीसदी जनप्रतिनिधि ग्रेजुएट रहे हैं

78 महिला सांसद चुन कर आईं हैं इस बार

स्त्रोत – पीआरएस इंडिया
  • इस बार के आम चुनाव में कुल 716 महिला प्रत्याशी थीं
  • इनमें से 78 महिला सांसद 17वीं लोकसभा का हिस्सा होंगी
  • वर्ष 2014 में 62 महिला सांसद लोकसभा पहुंची थीं
  • वर्ष 1951 की पहली लोकसभा में महिला सांसदों का प्रतिनिधित्व 5 फीसदी से बढ़कर 17वीं लोकसभा में 14 फीसदी तक पहुंचा है
  • हालांकि बीते सालों में लोकसभा में महिला सांसदों का प्रतिनिधित्व बढ़ा है लेकिन यह अब भी कई देशों मसलन रवांडा (61फीसदी), दक्षिण अफ्रीका (43फीसदी), ब्रिटेन (32 फीसदी), अमेरिका (24 फीसदी) और बंग्लादेश (24 फीसदी) की तुलना में कम है

क्या है आपके सांसदों का प्रोफेशन

स्त्रोत – पीआरएस इंडिया
  • अधिकतम सांसदों ने राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यों को अपनी आजीविका बताया है
  • 39 फीसदी सांसदों ने आजीविका के तौर पर राजनीतिक एवं सामाजिक कार्य का उल्लेख किया है
  • 38 फीसदी सांसद कृषि कार्यों से जुड़े हैं
  • 23 फीसदी सांसद व्यापारी हैं
  • केवल 4 फीसदी सासंद वकील हैं
  • अनेक सांसदों ने अपने लिए एक से अधिक आजीविका का उल्लेख किया है

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