Word’s World

वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार कुलदीप नैयर का निधन

नई दिल्ली: प्रेस की आजादी और नागरिक अधिकारों के बुलंद आवाज रहे वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का कल आधी रात के बाद यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।…

बीच बहस में : “आत्ममुग्धता की स्थिति से बाहर निकलकर सम्पादकों का निष्पक्ष दिखना जरुरी”

विचार:  विनोद मिश्र   कुत्ता पालो ,बिल्ली पालो ,कुछ भी पालो लेकिन गलतफेहमी मत पालो। दरअसल टीवी मीडिया में सम्पादकों ने अपने को लार्जर देन लाइफ पेश कर अपने को…

समाज को प्रभावित करता सोशल मीडिया

आलेख – डॉ एम रहमतुल्लाह   सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का काफ़ी सशक्त माध्यम बन चुका है। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो केवल व्यक्तिगत संवाद के लिए नहीं है, बल्कि यह…

“स्त्री का सुरक्षित होना केवल स्त्री का सुरक्षित होना नहीं बल्कि समाज का सुरक्षित होना भी है”

समकालीन कहानीकारों का कहानी पाठ और परिचर्चा का आयोजन   नई दिल्ली :    एकेडमी ऑफ़ फ़ाईन आर्ट में समकालीन कहानीकारों का कहानी पाठ और परिचर्चा का आयोजन किया गया…

‘जल, जंगल, जमीन सब सूख रहे हैं, ऐसे में आदमी भला क्यों नहीं सूखेगा!’

नई दिल्ली: शांति देवेंद्र खरे जी की अध्यक्षता में ‘एकेडमी ऑफ फ़ाइन आर्ट्स एंड लिटरेचर’ का मासिक काव्य आयोजन ‘डायलॉग’ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस बार की काव्य गोष्ठी गज़लों व नवगीतों…