महिला टी20 विश्वकप: पहली बार फाइनल में पहुंचे भारत का मुकाबला आस्ट्रेलिया से

सिडनी:

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच बारिश की भेंट चढ़ जाने के बाद ग्रुप चरण में अजेय रहने के कारण गुरुवार को यहां पहली बार आईसीसी महिला टी20 विश्व कप फाइनल में जगह बनायी जहां उसका सामना मौजूदा चैंपियन और मेजबान आस्ट्रेलिया से होगा।

भारत और आस्ट्रेलिया के बीच फाइनल रविवार आठ मार्च को मेलबर्न में खेला जाएगा। आस्ट्रेलिया ने दूसरे सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को डकवर्थ लुईस पद्वति से पांच रन से हराया।

सुबह से लगातार बारिश के कारण टास नहीं हो पाया और आखिर में सेमीफाइनल मैच बिना गेंद फेंके रद्द करना पड़ा। इससे भारतीय टीम खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर गयी जबकि इंग्लैंड के खेमे में निराशा छा गयी।

बारिश के कारण यह मैच भी देरी से शुरू हुआ। आस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट पर 134 रन बनाये। उसकी तरफ से कप्तान मेग लैनिंग ने नाबाद 49 रन बनाये जबकि दक्षिण अफ्रीका के लिये नाडिने डि क्लर्क ने 19 रन देकर तीन विकेट लिये।

आस्ट्रेलियाई पारी समाप्त होने के बाद बारिश आ गयी। इसके बाद जब खेल शुरू हुआ तो दक्षिण अफ्रीका को 13 ओवर में 98 रन बनाने का लक्ष्य मिला लेकिन लौरा वोलवार्ट की नाबाद 41 रन की पारी के बावजूद उसकी टीम पांच विकेट पर 92 रन ही बना सकी। आस्ट्रेलिया की तरफ से मेगान शट ने 17 रन देकर दो विकेट लिये।

भारत ने इससे पहले टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में आस्ट्रेलिया को 17 रन से हराया था। सेमीफाइनल मैच रद्द होने से हालांकि इंग्लैंड और भारत दोनों टीमों की कप्तान निराश थी।

मैच रद्द होने के बाद इंग्लैंड की कप्तान हीथर नाइट ने कहा, ‘‘यह वास्तव में निराशाजनक है। हम इस तरह से विश्व कप का अंत नहीं चाहती थी। मैच के लिये सुरक्षित दिन नहीं है, खेलने का मौका नहीं मिला और आखिर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार हमें महंगी पड़ गयी। ’’

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी सहमति जतायी कि सेमीफाइनल के लिये एक अन्य दिन सुरक्षित होना चाहिए। मेजबान क्रिकेट आस्ट्रेलिया ने ऐसा आग्रह किया था लेकिन आईसीसी ने उसे नामंजूर कर दिया था।

हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘यह निराशाजनक है कि हम मैच नहीं खेले, लेकिन कुछ नियम हैं जिनका हमें अनुसरण करना होता है। भविष्य में सुरक्षित दिन रखने का विचार अच्छा होगा। ’’

भारतीय टीम ग्रुप ए से शीर्ष पर रही थी। उसने अपने चारों मैच जीते थे जबकि इंग्लैंड ग्रुप बी में तीन जीत और एक हार से दूसरे स्थान पर रहा था।

इंग्लैंड पिछली बार उप विजेता रहा था। इससे पहले सात अवसरों पर भारत कभी फाइनल में नहीं पहुंच पाया था लेकिन इस बार बेहतरीन प्रदर्शन से वह खिताब का प्रबल दावेदार बन चुका है।

भारत ने मौजूदा चैंपियन आस्ट्रेलिया पर जीत से शुरुआत की और इसके बाद बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और श्रीलंका को हराकर ग्रुप ए में आठ अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था।

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